पश्चिम बंगाल : हिंसा के बीच 75 फीसदी मतदान (राउंडअप)
दिल्ली में निर्वाचन आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक राज्य में 75 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
सत्ताधारी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने हिंसा के लिए विपक्षी कांग्रेस-तृणमूल कांग्रेस गठबंधन को जिम्मेदार ठहराया है वहीं तृणमूल ने इसे 'राज्य प्रायोजित आतंकवाद' करार दिया है।
गुरुवार को शाम पांच बजे मतदान समाप्त होने के बाद राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी देबाशीष सेन ने कहा, "70 से 75 फीसदी लोगों ने मतदान किया। लेकिन कई इलाकों में निर्धारित समय पांच बजे के बाद भी मतदान जारी है, जिसके कारण मतदान का प्रतिशत बढ़ सकता है।"
राज्य में हिंसा की घटना के बावजूद सेन इसे मतदान को शांतिपूर्ण करार दिया। सेन कहा कि "कुल 27 हजार से अधिक मतदान केंद्र बनाए गए थे। अधिकतर केंद्रों पर मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।"
लोगों ने स्थानीय मुद्दों को लेकर मुर्शिदाबाद, बीरभूम और बर्धमान के तीन मतदान केंद्रों पर वोट नहीं डाला।
मुर्शिदाबाद के ही एक मतदान केंद्र पर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में खराबी के कारण पुनर्मतदान करवाया जा सकता है।
राज्य की 17 लोकसभा सीटों के लिए गुरुवार को हुए मतदान में युवाओं और बुजुर्गो ने जमकर मतदान किया। इस दौरान मुर्शिदाबाद, पूर्वी मिदनापुर और बर्धमान जिले में हिंसक झड़पें हुईं।
राज्य के मुख्य सचिव अशोक मोहन चक्रबर्ती ने बताया कि मुर्शिदाबाद जिले के जांगीपुर लोकसभा क्षेत्र में उपद्रवियों ने एक मतदान केंद्र पर बम फेंका, जिसमें एक मतदाता की मौत हो गई। यहां से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी चुनाव लड़ रहे हैं।
मुर्शिदाबाद लोकसभा क्षेत्र के डोमकोल में बुधवार को बम बनाने के दौरान हुए विस्फोट में घायल एक राजनीतिक दल से जुड़े व्यक्ति ने गुरुवार को दम तोड़ दिया।
बर्धमान जिले के आसनसोल में एक मतदान केंद्र के बाहर हुए विस्फोट में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए।
राज्य के पुलिस महानिरीक्षक (कानून व व्यवस्था) राज कनौजिया ने आईएएनए से कहा कि कई घरों व वाहनों में आग लगाने के कारण यहां मतदान की प्रक्रिया कुछ समय के लिए बाधित रही।
स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस बल को भेज दिया गया है और तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
हावड़ा जिले के उलूबेरिया निर्वाचन क्षेत्र के चंद्रपुर में मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद माकपा के एक कार्यकर्ता की गोली मार कर हत्या कर दी गई।
मुर्शिदाबाद जिले में गुरुवार शाम कांग्रेस और माकपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई भिड़ंत में सात लोग घायल हो गए।
हिंसा को लेकर चर्चित नंदीग्राम में माकपा और विपक्षी तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प में कम से कम दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
पूर्वी मिदनापुर के पुलिस अधीक्षक पल्लब कांति घोष ने आईएएनएस से कहा, "नंदीग्राम के अधिकारीपाड़ा क्षेत्र में झड़प में दो लोग घायल हो गए। सिर में गंभीर चोटों से ग्रस्त इन लोगों को खजूरी ब्लॉक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।"
उन्होंने कहा कि स्थिति पर नियंत्रण स्थापित कर लिया गया है। झड़प गोकुलनगर क्षेत्र में हुई।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "चुनावी हिंसा मतदान केंद्रों से दूर ग्रामीण इलाकों में हुई। इसलिए इससे चुनावी प्रक्रिया बाधित नहीं हुआ।"
नंदीग्राम तमकुल लोकसभा क्षेत्र में आता है जहां माकपा के निर्वतमान सांसद लक्ष्मण सेठ को तृणमूल कांग्रेस के सुभेंदु अधिकारी कड़ी टक्कर दे रहे हैं।
मतदान खत्म होने के बाद माकपा ने निर्वाचन आयोग से 52 मतदान केंद्रों पर तृणमूल कांग्रेस के धांधली करने का आरोप लगाते हुए पुनर्मतदान की मांग की है।
राज्य निर्वाचन अधिकारी सेन ने यह भी कहा कि आयोग को तीन मतदान केंद्रों दो हावड़ा और एक बर्धमान में ईवीएम तोड़े जाने की शिकायत मिली है।
पूर्वी मिदनापुर जिले में दो लोगों की मौत हुई है। जिले के नंदीग्राम में चुनावी ड्यूटी पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक जवान की मस्तिष्काघात और लू लगने के कारण एक मतदाता की मौत हो गई।
यद्यपि, राज्य में इन हिंसाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण रहा और मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गई।
जांगीपुर में कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि माकपा ने 12-14 मतदान केंद्रों पर कब्जा कर लिया।
कुल मिलाकर शांतिपूर्ण मतदान के लिए राज्य की जनता को बधाई देते हुए राज्य माकपा के सचिव बिमान बोस ने हिंसा के लिए कांग्रेस-तृणमूल गठबंधन को जिम्मेदार ठहराया।
दूसरी ओर माकपा पर 'राज्य प्रायोजित आतंकवाद' का आरोप लगाते हुए मुख्य विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने कहा, "माकपा कैडरों की हिंसा के बावजूद हम चौथे चरण में शानदार जीत हासिल करेंगे। माकपा की हार होगी।"
राज्य कांग्रेस अध्यक्ष प्रणब मुखर्जी ने हिंसा को 'गैर जरूरी' बताते हुए सफलता पूर्वक मतदान संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग और राज्य की जनता को बधाई दी है।
उधर, राज्य के हुगली जिले के सिंगुर में मतदान शांतिपूर्ण रहा। यहां से टाटा की नैनो कार फैक्ट्री को तृणमूल कांग्रेस के विरोध के कारण हटना पड़ा था और यहां पिछले दिनों हिंसा भी हुई थी। वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव में इन 17 सीटों में से 14 पर माकपा की जीत हुई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications