मध्य प्रदेश में लाडली लक्ष्मी योजना को अधिनियम का रूप लेगी : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को मंत्रालय में महिला सशक्तिकरण कार्य दल की अनुशंसाओं की जानकारी ली और महिला कल्याण योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि लाडली लक्ष्मी योजना बालिकाओं और महिलाओं को शिक्षा के लिए प्रेरित करने के साथ ही जनसंख्या नियंत्रण जैसे बड़े उद्देश्यों की पूर्ति भी करती है। उन्होंने महिलाओं को कानूनी हक दिलाने वाली ऊषा किरण योजना के बेहतर क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने जननी सुरक्षा योजना को षिषु और माताओं के जीवन की रक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण करार देते हुए कहा कि वर्ष 2010-11 तक संस्थागत प्रसव का लक्ष्य शत प्रतिशत पूरा किया जाना चाहिए। किशोरियों के स्वास्थ्य पर ध्यान देते हुए उन्हें एनीमिया से बचाने और आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों के वजन लेने के कार्य भी पूरी गंभीरता से किए जाने की जरूरत है। उन्होंने महिला श्रमिकों को प्रसव के समय डेढ़ माह के वैतनिक अवकाश के प्रावधान का भी ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक लाभ दिलाने पर जोर दिया।
महिला सशक्तिकरण कार्य दल ने कुपोषण की रोकथाम, किशोर बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं कुपोषण स्तर में सुधार, गर्भवती एवं धात्री माताओं के कुपोषण में सुधार, नवजात शिशुओं की देखभाल मातृ व शिशु मृत्यु दर में कमी जैसे विषयों पर अपनी अनुशंसाएं की हैं। इनपर भी समीक्षा के दौरान विचार विमर्ष हुआ। इस मौके पर राज्य के मुख्य सचिव राकेश साहनी ने भी अस्पतालों में स्थापित पोषण पुनर्वास केन्द्रों में नवजात शिशुओं को जीवन रक्षा के लिए दो सप्ताह रहने के लिए प्रेरित करने की जरूरत बताई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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