नेपाल में बातचीत जारी, नई सरकार पर सहमति के संकेत नहीं
काठमांडू, 7 मई (आईएएनएस)। नेपाल में माओवादी पार्टी की सरकार के गिरने के 72 घंटे बीतने और राष्ट्रपति के नई सरकार के गठन के लिए समय सीमा तय करने के बावजूद सभी बड़ी पार्टियों को स्वीकार्य सरकार पर सहमति के संकेत नहीं हैं।
गुरुवार को परिदृश्य थोड़ा स्पष्ट हुआ जब मुख्य विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस (एनसी) ने नई सरकार का नेतृत्व नहीं करने की घोषणा की। नेपाली कांग्रेस 601 सदस्यीय संसद में दूसरा सबसे बड़ा दल है। संसद में एनसी के 114 सदस्य हैं।
एनसी ने कहा कि वह नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी (यूएमएल) के नेतृत्व वाले गठबंधन को समर्थन देगी।
एनसी के शीर्ष नेताओं की भविष्य की रणनीति पर विचार के लिए आयोजित बैठक के बाद पूर्व मंत्री कृष्ण प्रसाद सितौला ने कहा कि पार्टी की पहली प्राथमिकता आम सहमति की सरकार का गठन है। यदि यह संभव नहीं हुआ तो एनसी चाहेगी कि यूएमएल गठबंधन सरकार का नेतृत्व करे और पार्टी उसे समर्थन देगी।
एक ओर जहां निकट भविष्य में माओवादी पार्टी के साथ बड़ी पार्टियों की साझेदारी असंभव दिखाई दे रही है, वहीं संसद में सबसे अधिक 238 सदस्यों वाली माओवादी पार्टी ने राष्ट्रपति रामबरन यादव के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।
राष्ट्रपति पर दबाव बनाने के लिए माओवादियों की महिला शाखा ने गुरुवार को प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए राष्ट्रपति आवास और कार्यालय पर हंगामेदार प्रदर्शन किया।
माओवादी पार्टी ने कहा कि सेना प्रमुख जनरल रुकमांगद कटवाल को हटाए जाने तक संसद से लेकर सड़कों तक उसका प्रतिरोध जारी रहेगा। पार्टी पोलित ब्यूरो ने गुरुवार को स्थिति की समीक्षा आरंभ की। परंतु इस बात की बहुत कम संभावना है कि पार्टी के रुख में बदलाव आए।
इसलिए यूएमएल को नई सरकार बनाने के लिए संसद में मतदान के अलावा और कोई रास्ता नहीं है। यूएमएल के 109 सांसदों और एनसी के समर्थन के बाद बहुमत के लिए 79 और सांसदों के समर्थन की आवश्यकता होगी। तराई इलाके की जातीय पार्टियों के पास 83 सांसद हैं और वे सरकार निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
तराई इलाके की सबसे बड़ी पार्टी मधेशी जनाधिकार फोरम के 53 सांसद हैं और उसने कहा कि उसकी निगाह खुद सत्ता पर है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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