मुशर्रफ के शीघ्र पाकिस्तान लौटने की संभावना नहीं
उनके सहयोगी जिसकी पहचान केवल शहरयार नाम से की गई ने 'द न्यूज' से कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है कि मुशर्रफ कब पाकिस्तान लौटेंगे।
मुशर्रफ पर खुद के शासनकाल में भी दो बार जानलेवा हमला हो चुका है और वह तालिबान तथा अन्य आतंकवादी संगठनों की हिटलिस्ट में हैं।
आतंकवाद और तालिबान से मुकाबले पर एक व्याख्यानमाला में भाषण देने के लिए इस समय मुशर्रफ लंदन में हैं। इसके बाद वह अमेरिका जाएंगे और वहां से यूरोप के दौरे पर रवाना होंगे।
पूर्व राष्ट्रपति मार्च में दो दिवसीय यात्रा पर दिल्ली आए थे और अप्रैल में उन्होंने सऊदी अरब की यात्रा की थी।
सुरक्षा खतरे के अलावा मुशर्रफ को आशंका है कि उन पर संविधान से छेड़छाड़ के लिए राजद्रोह का मुकदमा भी चल सकता है।
संसदीय मामलों के मंत्री बाबर अवान ने पिछले महीने कहा था कि यदि राजद्रोह का मुकदमा आरंभ हुआ तो उसके लिए विशेष सत्र न्यायालय स्थापित किया जाएगा।
अवान ने कहा था कि संविधान से छेड़छाड़ का दोषी पाए जाने पर मृत्युदंड की सजा का प्रावधान है।
पाकिस्तान में वर्ष 1973 से अस्तित्व में आए संविधान से छेड़छाड़ के लिए कई हलकों से मुशर्रफ पर राजद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग उठ रही है।
सर्वोच्च न्यायालय में मार्च में दायर एक याचिका में मुशर्रफ पर राजद्रोह का अभियोग चलाने और उनके देश छोड़ने पर पाबंदी लगाने का आग्रह किया गया। न्यायालय ने अभी इस पर कोई फैसला नहीं सुनाया है।
सिंध उच्च न्यायालय ने भी एक ऐसी ही याचिका पर नोटिस जारी किया है परंतु संघीय सरकार ने अभी इसका उत्तर नहीं दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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