ब्लॉगरों ने पूछा, पप्पू पास हो गया?
नई दिल्ली, 7 मई (आईएएनएस)। लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में सात राज्यों व एक केंद्र शासित प्रदेश की 85 संसदीय सीटों के लिए गुरुवार को हुए मतदान पर ब्लॉग की दुनिया में भी जमकर चर्चा हुई। ब्लॉगर एक दूसरे से पूछते रहे, 'पप्पू पास हुआ कि नहीं?'
विशेष रूप से दिल्ली में सभी सात संसदीय सीटों पर हुए मतदान के बारे में कई ब्लॉगों पर खासी दिलचस्प टिप्पणियां पढ़ने को मिलीं। ब्लॉगरों ने मतदान के अपने अनुभवों का भी बांटा। 'सियासत के गलियारों से' ब्लॉग में चुभती गर्मी में भी मतदान के आनंद के बार में टिप्पणी की गई है। इसमें कहा गया है कि इस बार चुनाव में युवा वर्ग अपने अधिकार और मतदान के लिए जागृत हुए हैं, इसी कारण तेज धूप में भी मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गई।
राजस्थान के एक ब्लॉगर ने 'नारदमुनि जी' पर मतदान के प्रति मतदाताओं के रूझानों पर टिप्पणी की। ब्लॉग पर एक रोचक विज्ञापन की कतरन भी चिपकाई है- 'वोट डालो छूट पा लो'।
'चाय चिंतन' पर 'मैं पप्पू बन गया' शीर्षक से टिप्पणी की गई है। इसमें कहा गया है कि किस प्रकार एक व्यक्ति को मतदाता सूची में गड़बड़ी के कारण मतदान से वंचित होना पड़ा। ब्लॉगर ने टिप्पणी की है, "आज मेरे न चाहते हुए भी चुनाव आयोग ने ही मुझे पप्पू बना दिया। तीन मतदान केंद्रों के धक्के खाने के बाद और करीब 22 लिस्टें खुद देखने के बाद मैंने मान लिया कि मैं पप्पू हूं। "
'लूज शटिंग' में दिल्ली मतदान के कारण सूनी सड़कों पर टिप्पणी की गई है। 'ये दिल्ली है मेरे यार' शीर्षक से टिप्पणी करते हुए कहा गया है, "आज 20 मिनट के ऑफिस के सफर में घंटे नहीं लगे। छुट्टी के दिन भी ऑफिस में काम कर रहे मेरे सभी साथियों के चेहरे खिले हुए हैं क्योंकि कोई भी जाम की किचकिच और भीड़ की किचपिच से निकलकर नहीं बल्कि खुली में सांस लेते हुए यहां तक पहुंचा है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
**


Click it and Unblock the Notifications