मेरा टिकट काटने का पार्टी का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण : टाइटलर
नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र में रकाबगंज मतदान केंद्र पर अपना वोट डालने के बाद टाइटलर ने कहा,"पार्टी ने जो मेरे साथ जो किया वह दुर्भाग्यपूर्ण है।"
टाइटलर ने कहा कि जूता प्रकरण केवल एक बहाना था। सबसे अनोखी बात यह है कि पार्टी ने टिकट देने के बाद क्यों वापस लिया? पार्टी को पहले ही टिकट नहीं देना चाहिए था।
उन्होंने कहा,"लेकिन मैं किसी पर आरोप नहीं लगा रहा। मैं पार्टी का अनुशासित कार्यकर्ता हूं। इसलिए मैंने फैसले को स्वीकार किया।"
टाइटलर ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि उनके साथ भेदभाव हुआ क्योंकि सब कुछ परिस्थितियों पर निर्भर था। लोगों ने कहा कि इससे पंजाब पर असर पड़ेगा और मीडिया ने ऐसा प्रचार किया जैसे वह नरेंद्र मोदी से बड़े अपराधी हैं।
टाइटलर ने कहा कि यदि वह चुनाव मैदान में उतरते तो भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के जीतने का कोई मौका नहीं था।
टाइटलर के स्थान पर उत्तर-पूर्वी संसदीय क्षेत्र से जे.पी.अग्रवाल कांग्रेस के उम्मीदवार बनाए गए हैं।
अपने निर्दोष होने का दावा करते हुए टाइटलर ने कहा कि न्यायालय में एक भी शपथ पत्र नहीं पेश किया गया है जिससे उनके वर्ष 1984 के दंगों से संबंध को साबित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा शासन काल में 10 से अधिक आयोग बनाए गए और कोई भी दंगों के मामले से उनका संबंध साबित कर पाया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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