पाकिस्तान चरमपंथियों को हराए: हॉलब्रुक

अमरीकी कांग्रेस की सुनवाई के दौरान रिचर्ड हॉलब्रुक ने कहा कि अल क़ायदा और तालेबान सीधे तौर पर अमरीका के लिए ख़तरा हैं.
हॉलब्रुक का कहना था कि पाकिस्तान का चरमपंथियों को हराना ज़रूरी है.
उनका कहना था कि अमरीका का रणनीतिक हित पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी का समर्थन करने में है.
अल क़ायदा और तालेबान सीधे तौर पर अमरीका के लिए ख़तरा हैं रिचर्ड हॉलब्रुक, अमरीका के विशेष दूत
| |
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति ज़रदारी अमरीका में हैं जहाँ वे अफ़गानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई और अमरीका के साथ त्रिपक्षीय बातचीत में हिस्सा लेंगे.
दूसरी ओर पाकिस्तान की उत्तर-पश्चिमी स्वात घाटी में हज़ारों लोग अपने घर छोड़ कर पलायन कर रहे हैं.
इससे पहले पाकिस्तान प्रशासन ने स्वात के निवासियों को घाटी छोड़ कर चले जाने का आदेश दिया था लेकिन फिर ये आदेश रद्द कर दिया गया. लेकिन घाटी से निवासियों को पलायन जारी है.
संघर्ष
बीबीसी संवाददाता के अनुसार सरकार और तालेबान चरमपंथियों के बीच हुआ समझौता अब ख़त्म होने की कगार पर है.
तालेबान लड़ाकों और पाकिस्तान सेना में संघर्ष छिड़ा हुआ है
पाकिस्तान सेना के मेजर जनरल अथर अब्बास ने कहना था कि तालेबान ने समझौते का उल्लंघन किया है.
पिछले दो दिनों में सुरक्षा बलों और तालेबान चरमपंथियों के बीच हिंसक झड़पें हुई हैं. स्वात घाटी के पश्चिम और पूर्व में भी भीषण लड़ाई हुई है.
इस साल फ़रवरी में दोनों पक्षों के बीच एक समझौता हुआ था जिसके तहत प्रशासन ने स्वात घाटी में शरिया क़ानून लागू करने को मंज़ूरी दी थी और तालेबान ने संघर्षविराम की हामी भरी थी.
अगस्त, 2007 से लेकर इस वर्ष फ़रवरी में हुए समझौते तक तालेबान और सेना के बीच संघर्ष चलता रहा था.
समझौते के तहत तालेबान के हथियार डालने की भी बात थी लेकिन तालेबान का कहना है कि स्वात घाटी में जब तक शरिया क़ानून पूरी तरह से लागू नहीं हो जाता, वे हथियार नहीं डालेंगे.
तालेबान ने स्वात घाटी में लोगों के कार में संगीत बजाने पर पाबंदी लगा दी है और वे मस्जिद के जरिए स्थानीय युवाओं को तालेबान चरमपंथियों का साथ देने को कह रहे हैं.


Click it and Unblock the Notifications