संयुक्त राष्ट्र ने इसराइल की आलोचना की

चार महीने पहले ग़ज़ा संघर्ष के दौरान संयुक्त राष्ट्र की इमारतों पर हमले करने के लिए हुई यूएन की जाँच में इसराइली सेना की कड़ी आलोचना की गई है.
करीब चार महीने पहले इसराइल ने ग़ज़ा में सैन्य अभियान चलाया था. संयुक्त राष्ट्र की जाँच में नौ घटनाओं में से छह घटनाओं में इसराइल को दोषी पाया गया.
इन हमलों के दौरान संयुक्त राष्ट्र की इमारतों को नुकसान पहुँचा था और वहाँ पनाह लेने वाले लोग या तो मारे गए थे या घायल हुए थे. एक घटना में फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने भी संयुक्त राष्ट्र के वेयरहाउस पर हमला किया था.
लेकिन इसराइल के प्रधानमंत्री ने रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा है कि ये पक्षपातपूर्ण है. उनका कहना था, "हमारी सेना नैतिक मूल्यों पर काम करती है. आम लोगों को बचाने के लिए इसराइली सैनिकों और कमांडरों ने पूरी कोशिश की."
बराक ने आरोप लगाया कि हमास ने आम नागरिकों के बीच और संयुक्त राष्ट्र की इमारतों के पास अपने लड़ाकों को छिपाया हुआ था.
संयुक्त राष्ट्र की जाँच में उस घटना का उल्लेख भी है जब यूएन द्वारा चलाए जाने वाले स्कूल के पास गोले फेंके गए थे. पैनल के मुताबिक स्कूल के पास 40 लोग मारे गए थे जबकि इसराइल का कहना है कि 12 लोग मारे गए थे.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि रिपोर्ट में इसराइली सेना की तीखी आलोचना की गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि गज़ा में इसराइली सेना और फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने जो युद्ध अपराध किए हैं उसकी जाँच किसी और आयोग से करवाई जाए.


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