नया रोग प्रतिरक्षी हेपेटाइटिस सी के संक्रमण को रोक सकता है
मोनोक्लोनल रोग प्रतिरक्षी ऐसे रोग प्रतिरक्षी हैं जिन्हें प्रयोगशाला में कोशिका के एकल क्लोन के जरिए पैदा किया जाता है और उसमें एक जैसे रोग प्रतिरक्षी अणु उपस्थित होते हैं।
यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स की बायोलॉजिकल लैबोरेटरीज (एमबीएल) के कार्यकारी निदेशक और यूनिवर्सिटी के मेडिकल स्कूल (यूएमएमएस) में बाल चिकित्सा के प्राध्यापक डोना एंब्रोसिनो ने कहा है, "यह रोग प्रतिरक्षी वायरस के खिलाफ महत्वपूर्ण क्षमता प्रदर्शित करता है।"
एमबीएल के वैज्ञानिकों ने जीन परिवर्धित चूहे में एचसीवी के तत्वों को इंजेक्शन के जरिए प्रवेश कराया। उसके बाद उसमें मानव रोग प्रतिरक्षी को चूहे के अंदर प्रवेश कराया, जो ग्लाइकोप्रोटीन के नाम से प्रचलित एचसीवी की बाहरी परत की पहचान करेगा और उसे चारों ओर से बांधेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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