वरुण को अपने नाम के आगे 'गांधी' लगाने का अधिकार नहीं : मायावती
पीलीभीत में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा कि जेल से छूटने के बाद अपनी जनसभाओं में नए जमाने का यह गांधी दावा कर रहा है कि वह काम का गांधी है जबिक उसे काम का गांधी बनने के लिए लिए हिंसा वाला आचरण छोड़ना होगा।
उन्होंने कहा कि वरूण को अपने नाम के आगे 'गांधी' शब्द लगाने का नैतिक अधिकार नहीं है क्योंकि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कभी भी हिंसा के रास्ते पर चलने की राह नहीं दिखाई।
उन्होंने कहा कि जेल से छूटने के बाद पर्चा दाखिला करने के दिन अपनी जनसभा में वरुण ने आरोप लगाया था कि जेल में उन्हें प्रताड़ित किया गया जबिक उनकी बातों में रत्ती भर सच्चाई नहीं है।
बसपा प्रमुख ने कहा कि नए जमाने का यह गांधी आजकल अपनी जनसभाओं में खुद को राष्ट्रवाद में यकीन करने वाला करार देता है जबिक उसे राष्ट्रवाद की सही परिभाषा ही नहीं पता है। वरुण को राष्ट्रवाद समझने के लिए देश का संविधान समझ्झना होगा।
उन्होंने कहा कि सही राष्ट्रवाद का मतलब होता है कि सभी धर्मो को एक नजर से देखना और सबको एक साथ लेकर चलना। वरुण का राष्ट्रवाद एक खास समुदाय से जुड़ा है। जब वह मुसलमान इलाकों में जाते हैं तो अपना शुद्धिकरण करवाते हैं। इससे साबित होता है कि उनका राष्ट्रवाद एक नौटंकी से ज्यादा कुछ नहीं है।
उन्होंने कहा कि जातिवाद को खत्म करने की बात करने वाली वरुण की मां मेनका गांधी भी घोर जातिवादी हैं। मायावती ने कहा कि मेनका ने कई सालों तक पीलीभीत का प्रतिनिधित्व किया है लेकिन यहां के दलितों और पिछड़ों को लिए कुछ भी नहीं किया।
मायावती ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार में मेनका गांधी के पास सामाजिक न्याय विभाग था, लेकिन इस दौरान उन्होंने पीलीभीत के दलितों और पिछड़ों के उत्थान के लिए कोई काम करने के बजाय अपने रिश्तेदारों और करीबियों को लाभ पहुंचाया।
मायावती ने कहा कि राज्य सरकार पीलीभीत के मुसलमानों के साथ कोई ज्यादती नहीं होने देगी। यहां हमारी सरकार हिंसा और सांप्रदायिकता फैलाने वालों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई करेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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