राजस्थान में कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा लेकिन कांटे का मुकाबला
राजस्थान की सभी 25 सीटों पर गुरुवार को मतदान होना है। यहां के 3.7 करोड़ मतदाता 346 उम्मीदवारों की चुनावी किस्मत तय करेंगे। राजस्थान की जैसलमेर संसदीय सीट के अंतर्गत आने वाले मरुस्थलों में 2324 मतदाताओं के लिए निर्वाचन आयोग ने छह 'मोबाइल मतदान केंद्रों' की व्यवस्था की है। ये 'मोबाइल मतदान केंद्र' एक तय समय पर निर्दिष्ट स्थानों पर मतदाताओं के घरों के आसपास पहुंचेंगे ताकि उन्हें अपने मताधिकार का उपयोग करने में दिक्कत न पेश आए।
प्रमुख उम्मीदवारों में कांग्रेस के मौजूदा सांसद सचिन पायलट, भाजपा सांसद मानवेन्द्र सिंह, केंद्रीय मंत्री शीशराम ओला, पूर्व केंद्रीय मंत्री बूटा सिंह और महिला आयोग की अध्यक्ष गिरिजा व्यास प्रमुख हैं। कांग्रेस का टिकट न मिलने से नाराज बूटा सिंह निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत यहां कांग्रेस के स्टार प्रचारक के तौर पर पार्टी की कमान संभाले हुए हैं तो भाजपा की तरफ से पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने मोर्चा थाम रखा है।
प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता अरुण चतुर्वेदी ने आईएएनएस से कहा, "हम गहलोत और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की असफलताओं को मुद्दा बनाकर जनता से वोट मांग रहे हैं।"
ठीक इसी तरह कांग्रेस ने पूर्ववर्ती वसुंधरा राजे की सरकार की असफलताओं को मुद्दा बनाया है।
वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को यहां शानदार सफलता मिली थी। 25 में 21 सीटों पर उसके प्रत्याशी विजयी हुए थे जबकि कांग्रेस को 4 सीटों से ही संतोष करना पड़ा था।
पिछले साल हुए राज्य विधानसभा चुनाव में मिली कांग्रेस की सफलता ने लोकसभा चुनाव में उसका उत्साह दोगुना कर दिया है। कांग्रेस को उम्मीद है कि इस बार उसे यहां भारी सफलता मिलेगी ओर आंकड़े 2004 के विपरीत हो जाएंगे।
इंडो-एशियन नयूज सर्विस।


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