वाहन कलपुर्जो की आपूर्ति के बाजार में बेहतर रहेगा विकास
वैश्विक सलाहकार संस्था 'फ्रॉस्ट एंड सुलीवान' द्वारा किए गए नए शोध के मुताबिक आने वाले पांच वर्षो में इसमें 16.1 फीसदी की दर से विकास होने की संभावना है। उस अवधि तक यह कारोबार 3.89 अरब डॉलर का हो जाएगा।
संस्था ने कहा, "विनिर्माण और श्रम की कम लागत के कारण इस क्षेत्र में भारत से आउटसोर्सिग बढ़ने की उम्मीद है। पश्चिमी देशों की तुलना में भारत में श्रमिक अपेक्षाकृत सस्ती दरों पर उपलब्ध हैं।"
संगठन के मुताबिक भारत को उसकी भौगोलिक स्थिति का भी लाभ मिलता है और वह दक्षिण एशिया के साथ-साथ मध्य पूर्व की जरूरतें पूरी करने में भी सक्षम है।
फ्रॉस्ट एंड सुलीवान के वित्तीय विश्लेषक आर. मधुसूदनन ने कहा, "बाजार को निजी क्षेत्र की भागीदारी के लिए खोलने और प्रत्येक्ष विदेशी निवेश आकर्षित करने की भारत की क्षमता ने बाजार विस्तार में मदद की है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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