स्वात घाटी से हज़ारों का पलायन

पाकिस्तान की उत्तर-पश्चिमी स्वात घाटी में हज़ारों लोग घर छोड़ कर भाग रहे हैं. तालेबान-सरकार के बीच हुआ समझौता अब ख़त्म होनी की कगार पर है.
इससे पहले प्रशासन ने निवासियों को घाटी छोड़ कर चले जाने का आदेश दिया था लेकिन फिर ये आदेश रद्द कर दिया गया. लेकिन घाटी से निवासियों को पलायन जारी है. बीबीसी संवाददाता के अनुसार सरकार और तालेबान चरमपंथियों के बीच हुआ समझौता अब ख़त्म होने की कगार पर है.
पाकिस्तान सेना के मेजर जनरल अथर अब्बास ने बीबीसी को बताया कि तालेबान ने समझौते का उल्लंघन किया है. पिछले दो दिनों में सुरक्षा बलों और तालेबान चरमपंथियों के बीच हिंसक झड़पें हुई हैं. स्वात घाटी के पश्चिम और पूर्व में भी भीषण लड़ाई हुई है.
इलाक़ा खाली करने को कहा था
स्वात घाटी के पश्चिम, पूर्व में भीषण लड़ाई हुई है. इससे पहले स्थानीय प्रशासन के संयोजक ख़ुशाल ख़ान ने बीबीसी को बताया था कि स्वात घाटी के ज़िला मुख्यालय मिंगोरा के आसपास चार शहरों के निवासियों को इन जगहों को छोड़ देने को कहा गया है.
उन्होंने बताया था कि प्रशासन ने मिंगोरा के आसपास के शहरों पर लगाया गया क़र्फ़्यू उठा लिया ताकि लोग इन इलाक़ों से बाहर निकल सकें.उन्हें पास के दरगाई शिविर में भेजा जा रहा था.
इस साल फ़रवरी में दोनों पक्षों के बीच एक समझौता हुआ था जिसके तहत प्रशासन ने स्वात घाटी में शरिया क़ानून लागू करने को मंज़ूरी दी थी और तालेबान ने संघर्षविराम की हामी भरी थी. अगस्त 2007 से लेकर इस वर्ष फ़रवरी में हुए समझौते तक तालेबान और सेना के बीच संघर्ष चलता रहा था.
समझौते के तहत तालेबान के हथियार डालने की भी बात थी लेकिन तालेबान का कहना है कि स्वात घाटी में जब तक शरिया क़ानून पूरी तरह से लागू नहीं हो जाती है वे हथियार नहीं डालेंगे.
तालेबान ने स्वात घाटी में लोगों के कार में संगीत बजाने पर पाबंदी लगा दी है और वे मस्जिद के जरिए स्थानीय युवाओं को तालेबान चरमपंथियों का साथ देने को कह रहे हैं.


Click it and Unblock the Notifications