चुनाव जीतने का दावा कांग्रेस की राजनीतिक अपरिपक्व ता : भाजपा
भाजपा महासचिव अरुण जेटली ने संवाददाताओं से चर्चा में कहा, "कांग्रेस की ओर से जो चुनाव विश्लेषण आ रहे हैं उसमें राजनीतिक परिपक्व ता की कमी साफ झलकती है। उसने इस चुनाव में तीन बुनियादी गलतियां की है। पहला, उसने राजनीतिक विश्वासघात किया है। मेरा इशारा वाम दलों की तरफ है। दूसरा, उसने चुनावी केमिस्ट्री को नहीं समझा। कांग्रेस सत्ता में सहयोगी दलों की हिस्सेदारी नहीं चाहती। इसलिए एक-एक कर उसके सहयोगी दल उससे दूर होते चले गए। और तीसरा कि वह जमीनी हकीकतों से कोसों दूर है। उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार और तमिलनाडु में यह स्पष्ट दिखा।"
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को धर्मनिरपेक्ष बताना और उनकी तारीफ करके उन्हें लुभाने की कोशिश करना स्पष्ट संकेत देता है कि चुनाव में वह हार रही है। हार सुनिश्चित देख उसने राजग के घटक दलों को अब पुचकारना आरंभ कर दिया है। राजग के घटक दल कांग्रेस के इस झांसे में आने वाले नहीं हैं।
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में विश्वास जताया कि लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व में सरकार बनेगी और वाम दल उसे दोबारा समर्थन देंगे। उन्होंने नीतीश की भी तारीफ की थी।
राहुल के इस बयान पर चुटकी लेते हुए जेटली ने कहा, "नीतीश की तारीफ करने के लिए हम उन्हें धन्यवाद देते हैं। इस प्रशंसा को कम से कम पाटलिपुत्र की जनता जरूर पढ़ ले। राहुल ने नीतीश को जो प्रशस्तिपत्र दिया है उसका फायदा बिहार की शेष बची सीटों पर राजग को मिलेगा।"
उन्होंने कहा कि राहुल का यह बयान यदि पहले आ जाता तो रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव की राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को जो दो-चार सीटें मिलेंगी, वह भी नहीं मिलती। सारण से तो वह हार ही रहे हैं, पाटलिपुत्र में भी रंजन यादव उन्हें हराएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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