ओबामा की नई कर योजना का आउटसोर्सिग उद्योग पर असर नहीं (लीड-1)
ओबामा ने सोमवार को कारपोरेट करों में मौजूद खामियों को दूर करने और विदेशों में कारोबार करने वाली अमेरिकी कंपनियों की कर छूट खत्म करने का प्रस्ताव रखते हुए कहा, "वर्तमान अमेरिकी कर प्रणाली के मुताबिक अगर आप बफैलो या न्यूयार्क की बजाय बेंगलुरू में नौकरी का सृजन करते हैं तो आपको करों में ज्यादा छूट मिलती है।"
उधर, औद्योगिक संगठन नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विस कंपनीज (नैस्कॉम) के मुताबिक इस योजना का देश के आउटसोर्सिग उद्योग पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। उसका मानना है कि इसका असर अंतत: अमेरिकी कंपनियों पर ही पड़ेगा।
नैस्कॉम के अध्यक्ष सोम मित्तल ने आईएएनएस से कहा, "यह अमेरिकी सरकार और कंपनियों का आपसी मामला है न कि इसका लक्ष्य आउटसोर्सिग को रोकना है। भारत से इसका कोई लेना देना नहीं है।"
मित्तल ने कहा, "अगर आप अमेरिका या कहीं और काम कर रही भारतीय कंपनियों पर नजर डालें तो वे वहां काम करती हैं और वहीं कर चुकाती हैं। इसलिए अमेरिकी सरकार का यह कदम भी आउटसोर्सिग को रोकने का नहीं बल्कि कर संग्रह करने का जरिया है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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