लिट्टे को छोटे इलाके में सीमित करने का श्रीलंका सरकार का दावा
लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) को मुल्लइतिवु जिले के जिस इलाके में सीमित किया गया है उसे रेक्ताविक्कल के नाम से जाना जाता है।
सरकार का अनुमान है कि अभी भी करीब 20,000 नागरिक लिट्टे के कब्जे वाले इलाके में फंसे हैं, वहीं संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के अनुसार यह संख्या 50,000 है।
सरकार ने लिट्टे पर नागरिकों को उनकी इच्छा के खिलाफ मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल करने के लिए बंधक बनाने का आरोप लगाया है जबकि लिट्टे ने कहा कि सेना के हमलों में काफी अधिक नागरिकों की मौत हुई है।
मंगलवार को सेना ने कहा कि लिट्टे के कब्जे वाले अंतिम इलाके में नागरिकों की मौजूदगी के कारण सेना पिछले पांच दिनों ंसे धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है।
सेना ने विद्रोहियों पर इस इलाके से भारी हथियारों से गोलाबारी करने का आरोप लगाया। इस आरोप की स्वतंत्र माध्यमों से पुष्टि नहीं हो पाई है, क्योंकि सरकार ने वह इलाका पत्रकारों और राहतकर्मियों के लिए प्रतिबंधित कर रखा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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