सत्ता से बाहर माओवादी संसद में संघर्ष की तैयारी में
सुदेशना सरकार
काठमांडू, 5 मई (आईएएनएस)। सेना प्रमुख के खिलाफ लड़ाई हारने और सहयोगियों के साथ छोड़ने से सत्ता से बेदखल होने को बाध्य नेपाल की माओवादी पार्टी ने मंगलवार को कहा कि यह लड़ाई वह अंतरिम संसद में ले जाएगी। यह कदम शांति प्रक्रिया के लिए एक और धक्का होगा।
माओवादी पार्टी के प्रवक्ता और सांसद दीनानाथ शर्मा ने नई रणनीति पर चर्चा के बाद मंगलवार को कहा कि सेना प्रमुख रूकमांगद कटवाल की बर्खास्तगी और राष्ट्रपति राम बरन यादव के असंवैधानिक निर्णय को बदलने तक अंतरिम संसद की कार्यवाही नियमित रूप से नहीं चलने देने का फैसला किया गया है।
शर्मा ने कहा कि वह संसद से सड़कों तक अपना दबाव बनाए रखेंगे।
सांसद ने कहा कि माओवादी पार्टी नई वैकल्पिक सरकार के गठन के प्रयास के लिए पूर्व सहयोगी नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी (यूएमएल) द्वारा बुलाई गई 25 संसदीय दलों की बैठक का भी बहिष्कार करेगी।
नई रणनीति का उद्देश्य यूएमएल और अन्य पार्टियों के साथ नया सत्तारूढ़ गठबंधन तैयार करने की नेपाली कांग्रेस की कोशिशों को आघात पहुंचाना है। यदि संसद में सबसे बड़े दल माओवादी पार्टी ने शत्रुता जारी रखी तो अगले वर्ष तक संविधान निर्माण का तय कार्य पूरा करना कठिन होगा।
नेपाल में राजनीतिक संकट को लेकर कानूनी विवाद भी छिड़ गया है। एक अधिकार संगठन ने कटवाल को पद पर बनाए रखने के राष्ट्रपति के फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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