पाक की सहायता से संबद्ध सीनेट विधेयक से भारतीय संदर्भ हटे
अरुण कुमार
वाशिंगटन, 5 मई (आईएएनएस)। अमेरिका के दो प्रभावशाली सीनेटरों ने कुछ निश्चित शर्तो पर पाकिस्तान को अगले पांच वर्षो तक 1.5 अरब डॉलर की वार्षिक सहायता देने के विधेयक से भारत से जुड़े सभी संदर्भो को हटा दिया है।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के वाशिंगटन आगमन की पूर्व संध्या पर सोमवार को पेश 'पाकिस्तान से भागीदारी बढ़ाने' वाले कानून में ओबामा के पाकिस्तान को ब्लैंक चेक नहीं देने के संकल्प से जुड़ी कई शर्तो को शामिल किया गया है। परंतु सीनेट की विदेश मामलों की समिति के डेमोकेट्र अध्यक्ष जान केरी और समिति में शामिल शीर्ष रिपब्लिकन रिचर्ड लुगार ने विधेयक में भारत से जुड़े सभी संदर्भ हटा दिए।
इससे पहले हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स की विदेश समिति के अध्यक्ष हावर्ड बेरमेन ने जो विधेयक प्रतिनिधि सभा में पेश किया था, उसमें अन्य बातों के साथ पाकिस्तान को कश्मीर के आतंकवादियों को सहायता देना बंद करना भी शामिल था। इसके साथ ही उसे इस बात की भी गांरटी देनी थी कि वह अपनी सीमा से भारत के भीतर किसी भी हथियारबंद हमले की इजाजत नहीं देगा।
केरी-लुगार विधेयक में पाकिस्तान को सैन्य सहायता के लिए अधिक व्यापक शर्ते जोड़ी गई हैं। पाकिस्तान को सहायता पाने के लिए उसे अपने क्षेत्र में अल कायदा और अन्य आतंकवादी संगठनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करनी होगी।
विधेयक के अनुसार अमेरिका अगले पांच वर्षो (2009-2013)तक प्रतिवर्ष 1.5 अरब डॉलर की सहायता पाकिस्तान को देगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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