स्वाइन फ्लू के भय ने कराई पोर्क व्यंजनों से तौबा
राजधानी बेंगलुरू में भी स्थितियां इससे अलग नहीं हैं वहां भी पोर्क चॉप्स, फ्राइड बैकन और सासेज जैसी चीजें अचानक लोगों के खाने पीने की सूची से गायब हो गई हैं।
कोडगु स्थित एक होटल के महाप्रबंधक नीरज गिल ने आईएएनएस से कहा, "कर्नाटक को पोर्क से बने खानेपीने की चीजों के लिए जाना जाता है। पर्यटक भी यहां की पोर्क से बने व्यंजन पसंद करते हैं लेकिन ऐहतियात बरतते हुए हमने अपने मेनू से ऐसे सभी व्यंजन हटा लिए हैं।।"
बेंगलुरू स्थित कर्नाटक हैम शॉप के प्रबंधक अरुण कुमार ने कहा, "इसमें डर की बहुत बड़ी भूमिका है। लोग पोर्क से बने व्यंजन खाने से बच रहे हैं। ऐसे में हम भी उन्हें ये व्यंजन नहीं परोस रहे हैं।"
उल्लेखनीय है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) यह भ्रांति दूर करने का प्रयास कर रहा है कि पोर्क खाने से स्वाइन फ्लू फलता है लेकिन फिर भी कोई किसी तरह का जोखिम उठाना नहीं चाहता।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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