नेपालः प्रधानमंत्री 'प्रचंड' ने दिया इस्तीफा

देश के पहले माओवादी प्रधानमंत्री बने प्रचंड ने टेलीविजन पर राष्ट्र के नाम एक संबोधन के दौरान अपने इस्तीफे की घोषणा की। उन्होंने देश के राजनीतिक दलों और विदेशी ताकतों पर सरकार की राह में रोड़े अटकाने का आरोप लगाया।
इससे पहले कटवाल की बर्खास्तगी के मुद्दे पर माओवादियों के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार को घटक दलों की ओर से काफी विरोध का सामना करना पड़ रहा था। सरकार में दूसरे सबसे बड़े दल कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल ने सरकार से समर्थन वापस ले लिया है।
इससे सरकार अल्पमत में आ गई थी। इसके अलावा 18 राजनीतिक पार्टियों ने प्रधानमंत्री प्रचंड के कदम से असहमति जताते हुए राष्ट्रपति से संविधान की रक्षा करने की गुहार लगाई थी।
राष्ट्रपित राम बरन यादव ने बर्खास्तगी के फैसले को असंवैधानिक बताते हुए कटवाल को अपने पद पर बने रहने का निर्देश दिया था। वहीं दूसरी तरफ जनरल कटवाल ने भी प्रधानमंत्री के आदेश को मानने से इनकार कर दिया था।
प्रचंड ने सेनाध्यक्ष को सरकारी आदेशों के उल्लंघन के आरोप में हटाने का फैसला किया था। दरअसल माओवादियों की इच्छा थी कि पूर्व माओवादी विद्रोहियों को सेना में शामिल कर लिया जाए लेकिन जेनरल कटवाल इसके पक्ष में नहीं हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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