नेपाल सरकार पर संकट के बादल

नेपाल में सेनाध्यक्ष को हटाने के फ़ैसले के विरोध में माओवादियों की अगुआई वाली गठबंधन सरकार के दूसरे बड़े घटक दल ने समर्थन वापस ले लिया है. गठबंधन में शामिल कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ नेपाल (यूनाईटेड मार्क्सवादी-लेनिनवादी) ने सेनाध्यक्ष जनरल रुकमनगुड कटवाल को हटाने के विरोध में ये फ़ैसला किया है.
प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल उर्फ़ प्रचंड ने सेनाध्यक्ष को सरकारी आदेशों के उल्लंघन के आरोप में हटाने का फ़ैसला किया. वो चाहते थे कि पूर्व माओवादी विद्रोहियों को सेना में शामिल कर लिया जाए लेकिन जनरल कटवाल इसके पक्ष में नहीं थे.
सीपीएन (यूएमएल) के समर्थन वापस लेने से गठबंधन सरकार पर संकट के बादल मँडराने लगे हैं क्योंकि अब संसद में माओवादियों का बहुमत घट गया है. संवाददाताओं का कहना है कि ताज़ा घटनाक्रम का असर शांति प्रक्रिया पर भी पड़ सकता है जिसके तहत वर्ष 2006 में नेपाल में गृह युद्ध ख़त्म हुआ था.
सीपीएन (यूएमएल) के नेता ईश्वर पोखराल ने बताया, "पार्टी ने गठबंधन से हटने और माओवादी सरकार से समर्थन वापस लेने का फ़ैसला किया है."माओवादी सरकार के इस फ़ैसले से नाराज़ विपक्षी समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं. रविवार को कैबिनेट की विशेष बैठक में बहुमत से सेनाध्यक्ष कटवाल को हटाने का फ़ैसला किया गया था.


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