पाकिस्तान और तालिबान के बीच लड़ाई में भुगत रहे हैं आम नागरिक
इस्लामाबाद, 4 मई (आईएएनएस)। पश्चिमोत्तर बुनेर जिले में पाकिस्तानी सेना और तालिबानी आतंकवादियों के बीच चल रहे संघर्ष का सबसे ज्यादा नुकासान क्षेत्र के आम आदमी को उठाना पड़ रहा है। यहां से निर्दोष नागरिकों के मारे जाने और उनकी संपत्ति को नुकसान पहुंचने की रपटें भी आ रही हैं।
बुनेर से सांसद रह चुके अली अकबर शेर ने रविवार को कहा, "हर जगह तोड़फोड़ मची हुई है। हमें ठीक से नहीं पता कि अब तक कितने लोगों की जानें गई हैं लेकिन बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है।"
उन्होंने कहा कि सेना पहाड़ी इलाकों में जाने का साहस नहीं जुटा पा रही जहां आतंकवादी छिपे बैठे हैं। इसकी बजाए सेना के लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर रिहायशी इलाकों को निशाना बना रहे हैं।
शेर के मुताबिक 6,00,000 की आबादी वाले इस जिले से 50,000 लोग पलायन कर चुके हैं। इसके अलावा रोज लोग नजदीकी स्वाबी और मरदन जिलों की ओर कूच कर रहे हैं। इन जिलों में राहत कर्मियों ने अनेक राहत शिविर बना रखे हैं।
पाकिस्तानी सैनिकों ने गत मंगलवार को तालिबानी आतंकवादियों के खिलाफ बुनेर में हवाई और जमीनी हमलों की शुरुआत की थी। तालिबान लड़ाके सरकार के साथ फरवरी में हुए शांति समझौते को तोड़कर पड़ोसी स्वात जिले से यहां आए हैं।
उल्लेखनीय है कि तालिबान के इस्लामाबाद की ओर तेजी से बढ़ते कदमों ने अमेरिका सहित सारी दुनिया को चिंतित कर दिया है।
बुनेर के एक पत्रकार ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि सेना के लक्ष्य तय नहीं हैं। उन्होंने कहा, "गुरुवार को सेना के हेलीकॉप्टरों ने आठ ट्रकों व अन्य गाड़ियों पर हमला किया जिसमें कुछ परिवार सफर कर रहे थे। इसमें कई महिलाएं और बच्चे समेत बड़े भी मारे गए।"
एक अन्य घटना में सैनिकों ने एक वैन पर हमला कर दिया जिसमें कई महिला शिक्षक सवार थीं। इस हमले में वाहन चालक समेत सभी लोग मारे गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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