भारत ने नेपाल संकट सुलझने की उम्मीद जताई (लीड-1)
नेपाल में सेना प्रमुख की बर्खास्तगी और उसके बाद प्रचंड के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देने में सावधानी बरतते हुए भारत ने एक बयान में कहा, "नेपाल में जो कुछ हो रहा है वह नेपाल का आतंरिक मामला है।"
बयान में विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा,"हम चाहते हैं कि नेपाल में पूर्ण लोकतंत्र अच्छी तरह स्थापित हो और हमें आशा है कि वर्तमान संकट उसी प्रकार सुलझ जाएगा, जैसे इससे पहले शांति प्रक्रिया पर सहमति बनी थी।"
मुखर्जी ने कहा, "हमें उम्मीद है कि यथासंभव विस्तृत राजनीतिक सहमति से नेपाल में संविधान निर्माण और लोकतांत्रिक बदलाव पर अधिक ध्यान केंद्रित करना संभव होगा।"
अपने इस्तीफा भाषण में नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल 'प्रचंड' ने विपक्षी दलों सहित सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल अपनी सहयोगी पार्टियों और 'विदेशी ताकतों' पर अपनी सरकार के आठ माह के कार्यकाल में किए गए विकास को रोकने का आरोप लगाया।
भारत का नाम लिए बिना उन्होंने नेपाल के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए कहा कि नेपाल कभी भी विदेशी शक्तियों के आगे नहीं झुकेगा।
बहरहाल विदेश मंत्री बाबूराम भट्टराई भारत की आलोचना करने में अधिक मुखर थे और उन्होंने आईएएनएस से कहा कि भारत ने लोकतांत्रिक शक्तियों के खिलाफ सेना और राष्ट्रपति का समर्थन उनके गैर संवैधानिक कार्यो के लिए किया है। यह बहुत भारी गलती है।
इस आरोप पर भारत सरकार की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं है आई है लेकिन सरकार के सूत्रों के अनुसार नेपाल में जनता की भावनाएं भड़काने के लिए यह किया जा रहा है। इसमें कोई सत्यता नहीं है और अकेले भारत ही नेपाल में शांति,स्थिरता और लोकतंत्र की निरंतरता के लिए चिंतित है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications