पुलिस का अंबानी हेलीकाप्टर मामले में व्यापारिक दुश्मनी को इंकार (लीड-2)
परंतु एयर वर्क्स इंडिया इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड ने कहा कि वह अपने कर्मचारियों के दुर्भावनापूर्ण कार्य के उद्देश्य के बारे में नहीं जानती।
संयुक्त पुलिस आयुक्त राकेश मारिया ने एक खचाखच भरे संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जांच से पता चला कि यह घटना वास्तव में एयरवर्क्स के प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच झगड़े का नतीजा है।
मारिया ने घटना के पीछे व्यापारिक दुश्मनी के आरोप से इंकार किया जिसका आरोप अनिल अंबानी समूह ने लगाया था।
पुलिस अधिकारी ने इस मामले में भरत बोरगे को भी क्लीन चिट दे दी। एयर वर्क्स के कर्मचारी बोरगे ने ही हेलीकाप्टर के गियर बाक्स में कीचड़ और पत्थर पाए थे और उसका शव पिछले मंगलवार को रेल पटरी पर मिला था।
मारिया ने कहा कि बोरगे की सजगता से ही मामला प्रकाश में आया और अनिल अंबानी का जीवन सुरक्षित बचा, जो अगले दिन सुबह हेलीकाप्टर से उड़ान भरने वाले थे।
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी पलराज थेवर और उदय वारेकर 'एयर वर्क्स इंडिया इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड' के कर्मचारी हैं। दोनों को एक मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जिसने इन्हें 15 अप्रैल तक रिमांड हिरासत में भेज दिया।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया,"हमारी जांच से पता चला कि इन दोनों ने अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (एडीएजी) के हेलीकॉप्टर से छेड़छाड़ की साजिश में प्रमुख निभाई थी।"
पुलिस ने बताया कि इन दोनों के अलावा एयर वर्क्स के एक अन्य कर्मचारी विजय पटनाकर से पूछताछ की जा रही है। पटनाकर को रविवार को हिरासत में लिया गया था।
एक बयान में एयर वर्क्स ने कहा कि थेवर और वारेकर के खिलाफ कंपनी ने अलग से कानूनी कार्रवाई आरंभ की है।
बयान में कहा गया है कि यह स्पष्ट रूप से दुर्भावनापूर्ण कार्य है। इन लोगों ने एयर वर्क्स के 58 वर्ष लंबे सुरक्षा के रिकार्ड को तोड़ने की कोशिश की है। प्रबंधन के साथ अपने मतभेद की बात कहकर ये कर्मचारी अपने आपराधिक कृत्य को किसी भी प्रकार जायज नहीं ठहरा सकते।
पुलिस ने कहा कि 23 अप्रैल को करीब 10 बजे सुबह थेवर और वारेकर को हेलीकाप्टर की सफाई का जिम्मा सौंपा गया। अवसर का लाभ उठाकर वारेकर ने गियर बाक्स में कुछ पत्थर और मिट्टी डाल दी।
क्राइम ब्रांच ने नागरिक उड्डयन कानून,1992 के तहत एक नया मामला दर्ज किया है जिसमें दोषी होने पर आजीवन कारावास की सजा हो सकती है।
यह कंपनी वर्ष 2006 से एडीएजी के साथ करार के तहत हेलीकॉप्टर की देखभाल कर रही थी। बीते बुधवार को एडीएजी ने उसके साथ करार रद्द कर दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications