काले धन के मामले पर सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार की खिंचाई की

भारतीयों के विदेशों में जमा करीब 70 खरब रुपये के कालेधन को वापस लाने संबंधी एक याचिका की सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश के.जी.बालाकृष्णन ने सरकार की खिंचाई की।

न्यायामूर्ति पी.शतशिवम और एम.के.शर्मा भी खंडपीठ में शामिल थे।

प्रसिद्ध वकील राम जेठमलानी और अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से न्यायालय में उपस्थित वरिष्ठ वकील अनिल बी.धवन ने कहा कि शनिवार को सरकार की ओर से दाखिल शपथ पत्र से पता चलता है कि खान और उसकी पत्नी के खिलाफ हवाला कानून के तहत मुकदमा नहीं चलाया जा रहा है। इस पर खंडपीठ ने सरकार से काफी असुविधाजनक सवाल पूछे।

सरकार ने शनिवार को आश्वस्त किया था कि हसन अली खान और उसके सहयोगी काशीनाथ तापुरिया के काले धन को वापस लाने के मामले में सरकार हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठी है।

शपथ पत्र के अनुसार सरकार ने स्विटजरलैंड के अधिकारियों से पहले ही खान के बैंक खातों के बारे में जानकारी मांगी है। परंतु बैंकिग क्षेत्र में पारदर्शिता के अंतर्राष्ट्रीय दबाव के बावजूद अभी वहां के आंतरिक कानूनों में बदलाव नहीं हुआ है।

इस कारण भारत कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी हासिल करने में सफल नहीं हो पाया।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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