भारत ने भयंकर भूल की : माओवादी मंत्री
काठमांडू, 4 मई (आईएएनएस)। नेपाल के प्रथम माओवादी प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल 'प्रचंड' के इस्तीफा देने के बाद उनके मंत्रिमंडल के एक वरिष्ठ सदस्य ने कहा है कि भारत के राजनयिकों ने एक बहुत बड़ी भूल की है।
सरकार में वित्त मंत्री रहे बाबूराम भट्टराई ने आईएएनएस से कहा, "भारत ने लोकतांत्रिक ताकतों के खिलाफ राष्ट्रपति और सेना के असंवैधानिक कार्य में उनका समर्थन किया।"
नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में साम्यवाद का पहला पाठ पढ़ने वाले माओवादी नेता ने भारत को माओवादी सरकार के पतन का जिम्मेदार ठहराया।
भट्टराई ने कहा, "नेता चुनावों में व्यस्त हैं और निर्णय लेने का काम राजनयिकों के जिम्मे है। भारत के लोगों और राजनीतिक दलों को इस पर ध्यान देना चाहिए और देश की कूटनीति पर दोबारा विचार करना चाहिए।"
इससे पहले थल सेनाध्यक्ष जनरल रुक्मांगद कटवाल को बर्खास्त किए जाने के बाद उपजे विवाद के बीच नेपाल के पहले माओवादी प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल 'प्रचंड' ने सोमवार को अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था।
प्रचंड ने टेलीविजन पर राष्ट्र के नाम संबोधन के दौरान पद छोड़ने की घोषणा की। अपने संक्षिप्त भाषण में उन्होंने देश के राजनीतिक दलों और विदेशी ताकतों पर उनकी सरकार की राह में रोड़े अटकाने का आरोप लगाया।
बगैर भारत का नाम लिए उन्होंने अपने दक्षिणी पड़ोसी पर आरोप लगाया कि वह नेपाल के अंदरूनी मामलों में दखल देता है। प्रचंड ने यह भी कहा कि देश कभी भी विदेशी ताकतों के आगे घुटने नहीं टेकेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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