सेनाध्यक्ष को हटाने पर उपजे विवाद के बीच प्रचंड ने पद छोड़ा (लीड-3)
काठमांडू, 4 मई (आईएएनएस)। थल सेनाध्यक्ष जनरल रुक्मांगद कटवाल को बर्खास्त किए जाने के बाद उपजे विवाद के बीच नेपाल के पहले माओवादी प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल 'प्रचंड' ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है।
प्रचंड ने टेलीविजन पर राष्ट्र के नाम संबोधन के दौरान पद छोड़ने की घोषणा की। अपने संक्षिप्त भाषण में उन्होंने देश के राजनीतिक दलों और विदेशी ताकतों पर उनकी सरकार की राह में रोड़े अटकाने का आरोप लगाया।
बगैर भारत का नाम लिए उन्होंने अपने दक्षिणी पड़ोसी पर आरोप लगाया कि वह नेपाल के अंदरूनी मामलों में दखल देता है। प्रचंड ने यह भी कहा कि देश कभी भी विदेशी ताकतों के आगे घुटने नहीं टेकेगा।
उन्होंने राष्ट्रपति राम बरन यादव पर भी संविधान के विरुद्ध जाकर थलसेनाध्यक्ष को बहाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह फैसला निर्वाचित सरकार द्वारा लिया गया था।
इससे पहले दो माह से चले आ रहे विवाद के बाद सरकार ने रविवार को सेनाध्यक्ष को उनके पद से हटा दिया था।
इस घोषणा के तत्काल बाद सरकार के सहयोगी दलों ने तीखा विरोध किया और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल-यूनीफाइड मार्क्सिस्ट लेनिनिस्ट (यूएमएल) और सद्भावना पार्टी ने सरकार से अलग होने का एलान किया।
मुख्य विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस (एनसी) ने प्रचंड के इस्तीफे का स्वागत किया है। एनसी पहले ही प्रचंड से इस्तीफे की मांग कर चुकी थी।
पूर्व मंत्री और एनसी के नेता प्रकाश मान सिंह ने कहा , "यह सही निर्णय था। चूंकि उनकी सरकार अल्पमत में आ गई थी तो उनके पास सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक आधार नहीं बचा था।"
सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी यूएमएल के साथ नई सरकार के गठन के बारे में बातचीत कर रही है। उन्होंने कहा कि एनसी नई सरकार को बाहर से समर्थन दे सकती है।
सरकार के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल उस समय गहरा गए थे जब सोमवार को ही सत्तारूढ़ माओवादी पार्टी के चार सहयोगी दलों ने महत्वपूर्ण मंत्रिमंडलीय बैठक के बहिष्कार की घोषणा की थी।
प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल 'प्रचंड' ने सोमवार को मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई थी लेकिन यूएमएल, सद्भावना पार्टी, मधेशी जनाधिकार फोरम (एमजेएफ) और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (युनाइटेड) ने इससे बाहर रहने का फैसला किया था।
यूएमएल के मंत्रियों द्वारा इस्तीफा दिए जाने तुरंत बाद सद्भावना पार्टी ने भी गठबंधन से अलग होने की घोषणा कर दी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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