विनायक सेन की जमानत याचिका पर छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस
नई दिल्ली, 4 मई (आईएएनएस)। नक्सलियों से संबंध रखने के आरोप में जेल में बंद सामाजिक कार्यकर्ता विनायक सेना की जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस जारी किया।
न्यायमूर्ति डी. के. जैन और न्यायमूर्ति बी. एस. रेड्डी की खंडपीठ ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए कहा कि हृदय की बीमारी से जूझ रहे सेन को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाए। राज्य सरकार से दो सप्ताह के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है।
सेन की पैरवी करते हुए वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने दलील दी कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय उनके मुवक्किल की जमानत याचिका पर विचार नहीं कर रहा है जबकि ऐसे मामलों में जमानत दी जाती है।
गौरतलब है कि नक्सलियों से संबंध रखने के आरोप में सेन को 14 मई, 2007 को छत्तीसगढ़ विशेष जन सुरक्षा अधिनियम (सीएसपीएसए) के तहत गिरफ्तार किया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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