अमेरिकी एजेंडे में पाकिस्तान सर्वोपरि होना चाहिए : विशेषज्ञ
अरुण कुमार
वाशिंगटन, 4 मई (आईएएनएस)। अमेरिका के एक विशेषज्ञ ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी रणनीतिकारों को अपने एजेंडे में पाकिस्तान को सबसे ऊपर रखना चाहिए ताकि पाकिस्तान के परमाणु हथियारों पर तालिबान का कब्जा होने से रोका जा सके।
अमेरिकी समाचार पत्र 'वाल स्ट्रीट जर्नल' में छपे एक लेख में यहां के जाने माने विद्वान जॉन आर. बोल्टन ने कहा, "अगर तालिबान का पाकिस्तान के परमाणु हथियारों पर कब्जा हो जाता है तो स्थिति बहुत भयावह हो सकती है। ऐसे में भारत के साथ उसके परमाणु युद्ध का खतरा नाटकीय ढंग से बढ़ जाएगा।"
उन्होंने कहा, "जब तक पाकिस्तान में कट्टरपंथियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है पाकिस्तान को दो बहुत ही खराब परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। पहली बात कि वहां अस्थिरता बढ़ती रहेगी और दूसरी यह कि परमाणु हथियार आतंकवादियों के हाथ में जा सकता है।"
बोल्टन ने कहा, "इसके मद्देनजर अमेरिका के रणनीतिक एजेंडे में पाकिस्तान का स्थान सर्वोपरि होना चाहिए।" उन्होंने पाकिस्तानी सेना में अमेरिका समर्थित तत्वों को मजबूत करने की भी सलाह दी।
अगले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई से मुलाकात करेंगे। बोल्टन कहते हैं कि इन नेताओं की यह मुलाकात पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को सुरक्षित करने और तालिबान को पराजित करने के संबंध में ठोस फैसला लेने का बेहतरीन मौका है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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