फिर तबाही मचा सकती है कोसी

तटबंधों की मरम्मत का काम हासिल करने वाली बिहार की निर्माण कंपनी गुरुवार को तय समय सीमा तक तटबंधों की मरम्मत का काम पूरा करने में विफल रही।
पिछले वर्ष काठमांडू में भारत-नेपाल की जल संसाधन समिति की संयुक्त बैठक में तटबंधों की मरम्मत का काम मार्च 2009 तक पूरा करने पर सहमति बनी थी। परंतु नेपाल के तराई जिले संसुरी में कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शनों के कारण मरम्मत का काम तय समय पर पूरा नहीं हो सका।
बेमौसम बारिश मचा सकती है तबाही
भूमिगत सशस्त्र संगठनों और जातीय गुटों के लगातार बंद के आव्हान के अलावा पुनर्वास की मांग को लेकर बाढ़ पीड़ितों के एक संगठन ने भी राजमार्ग अवरूद्ध कर दिया था। यद्यपि बिहार की वशिष्ठ एंड वशिष्ठ कंपनी को तटबंधों की मरम्मत के लिए एक महीने का अतिरिक्त समय दिया गया लेकिन वह इस समय में भी कार्य पूरा करने में विफल रही।
विलंब के साथ ही निर्माण कंपनी बिहार सरकार से बकाया भुगतान के मुद्दे पर उलझ गई है और खबर है कि 48 घंटे के भीतर बकाया भुगतान नहीं करने पर उसने काम रोकने की धमकी दी है। गर्मियों के पहाड़ों पर बर्फ पिघलने से कोसी फिर बढ़ाव पर है। यद्यपि मानसून अभी भी दो महीने बाद आएगा लेकिन लोगों को भय है कि बेमौसम की बरसात से भी नई तबाही आ सकती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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