नेपाल में सेना प्रमुख विवाद अब राष्ट्रपति के पाले में
काठमांडू, 3 मई (आईएएनएस)। यद्यपि नेपाल की सत्तारूढ़ माओवादी पार्टी ने रविवार को विवादास्पद सेना प्रमुख जनरल रूकमांगुद कटवाल को बर्खास्त करने का निर्णय ले लिया है लेकिन अब गेंद राष्ट्रपति राम बरन यादव के पाले में है जो पूर्व गुरिल्लाओं के फैसले को मंजूर या पलट सकते हैं।
कानूनी पत्रकार और लेखक अनंत लुईटेल ने कहा कि राष्ट्रपति मंत्रिमंडल के निर्णय को रोक सकते हैं। वह सर्वोच्च न्यायालय की सलाह के लिए या फिर फैसले के लिए इसे अंतरिम संसद के पास भेज सकते हैं।
यदि राष्ट्रपति ने इसे संसद में भेजा तो मंत्रिमंडल के निर्णय पर फैसला वोट से होगा। रविवार को माओवादी पार्टी के सेना प्रमुख को हटाने के निर्णय का उसके चारों सहयोगी दलों ने भी समर्थन नहीं किया। अत: संसद में माओवादी पार्टी के पराजित होने की संभावना है।
माओवादी पार्टी ने सेना प्रमुख की बर्खास्तगी का विरोध करने पर राष्ट्रपति को हटाने की धमकी दी है लेकिन लुईटेल के अनुसार यह कानूनी रूप से असंभव है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति को केवल महाभियोग प्रक्रिया से संसद के दो-तिहाई बहुमत से हटाया सकता है। माओवादी उन्हें अकेले नहीं हटा सकते।
सेना प्रमुख के साथ करीब दो महीने तक चले माओवादियों के तनाव के दौरान राष्ट्रपति लगातार पूर्व गुरिल्लाओं से समझौते के लिए कहते रहे।
सेना प्रमुख को हटाने की घोषणा के तुरंत बाद प्रमुख विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस और तराई मधेशी लोकतांत्रिक पार्टी के शीर्ष नेताओं ने यादव से मुलाकात करके विवादास्पद फैसले को रोकने को कहा।
नेपाली कांग्रेस द्वारा बुलाई गई एक सर्वदलीय बैठक के समाप्त होने के बाद राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया आने की संभावना है।
माओवादियों को छोड़कर इस बैठक में सभी 24 संसदीय पार्टियां हिस्सा ले रही हैं। बैठक में एक वैकल्पिक सरकार बनाने की संभावना पर भी चर्चा होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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