'नाबालिग़ नहीं हैं क़साब'

अदालत ने कहा है कि मुंबई हमलों के समय क़साब की उम्र 18 से ज़्यादा थी.
मुंबई हमलों की सुनवाई कर रही विशेष अदालत के न्यायाधीश एमएल तहलियानी ने अपने फ़ैसले में कहा है कि अदालत पहले ही कह चुकी है कि अभियुक्त बालिग़ है लेकिन सरकारी वकील की तरफ़ से डॉक्टरी जाँच की मांग स्वीकार की गई.
उन्होंने कहा कि जाँच रिपोर्ट से यह साबित होता है कि अभियुक्त बालिग़ है, इसलिए नाबालिग़ होने की उनकी अपील ख़ारिज की जाती है.
क़साब की उम्र का पता लगाने के लिए उनकी दांतों और हड्डियों की जाँच की गई. जाँच रिपोर्ट में अभियुक्त क़साब की उम्र 20 से ज़्यादा बताई गई है.
अभियोजन पक्ष के वकील अब्बास काज़मी ने डॉक्टरों की इस रिपोर्ट को चुनौती दी थी और जिन डॉक्टरों ने ये जाँच की थी उनसे जिरह भी की थी.
रिपोर्ट
अदालत में क़साब की जाँच की 16 एक्स-रे रिपोर्ट पेश की गई थी. क़साब ने अदालत से हड्डियों और दाँतों की जाँच की एक्स-रे प्लेट की मांग की थी ताकि इसकी जाँच दूसरे डॉक्टरों से कराई जा सके.
क़साब के वकील ने कहा है कि वे फ़िलहाल फ़ैसले को चुनौती नहीं देंगे
सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने इसका विरोध किया और अदालत ने क़साब की इस मांग को ख़ारिज कर दिया.
अभियोजन पक्ष के वकील अब्बास काज़मी ने बाद में पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि फ़िलहाल वे अदालत के इस फ़ैसले को चुनौती देने के बारे में नहीं सोच रहे हैं, लेकिन बाद में ज़रूरत पड़ी तो ऐसा किया जा सकता है.
सरकारी वकील का कहना था कि उन्होंने अदालत से अभियुक्त क़साब की उम्र का पता लगाने के लिए डॉक्टरी जाँच की इसलिए अपील की थी कि कहीं बाद में ये मामला न उठे.
26 नवंबर 2008 में मुंबई पर चरमपंथी हमला हुआ था जिसमें कम से कम 170 लोग मारे गए थे और 250 से अधिक घायल हुए.
पुलिस का कहना है कि आमिर अजमल क़साब इन हमलों में शामिल था.


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