गर्मी ने छुड़ाए नेताओं के पसीने

डाक्टरों से स्वास्थ्य की जांच कराने वाले नेताओं की जमात बढ़ रही है। अमूमन, वातानुकूलित परिवेश के आदी रहे इन नेताओं के लिए धूल से पटी गलियों व सड़कों पर मौसम के कठोर तेवर से जूझते हुए चुनाव प्रचार करना आसान नहीं है। डाक्टर बताते हैं कि चुनाव प्रचार की व्यस्तता के कारण नींद कम आने और तनाव व थकावट से दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ गया है।
कुछ डाक्टर याद दिलाते हैं कि कैसे वर्ष 2008 में पश्चिम बंगाल के जिला परिषद चुनाव में किस्मत आजमाने वाले एक मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता इंद्रजीत पुराकेट की सेहत बुरी तरह बिगड़ गई और वह हार की खबर बर्दाश्त नहीं कर पाए। दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई।
कई नेता डाक्टरों की चेतावनी और सलाह को गंभीरता से लेते हैं। पूर्वी दिल्ली से बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हाजी मोहम्मद युनूस ने कहा ,इस गर्मी में चुनाव प्रचार करना कठिन है। मैं लंबे समय से गर्मी झेलते हुए प्रचार करता रहा हूं। प्रचार शुरू करने से पहले मैंने डाक्टर से संपर्क किया था। उनकी सलाह पर अमल कर रहा हूं।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली से कांग्रेसी उम्मीदवार जय प्रकाश अग्रवाल कहते हैं, यूं तो मैं डाक्टर के पास नियमित रूप से नहीं जा पाता हूं, पर सुबह सैर पर जरूर निकलता हूं। रात में पूरी नींद लेने की कोशिश करता हूं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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