दिवालियापन से बचने के लिए अर्ज़ी

अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा है कि कार कंपनी क्राइसलर दिवालिया होने की सूरत में अर्ज़ी दाखिल करेगी. साथ ही फ़ियट के साथ नई साझेदारी की गई है.
फ़ियट के साथ साझेदारी के बाद विश्व की छठी सबसे बड़ी कार कंपनी बनेगी.
व्हाइट हाउस के मुताबिक क्राइसलर को पैसा देने वालों के साथ बातचीत टूटने के बाद ये फ़ैसला किया गया.
क्राइसलर के मुख्य कार्यकारी रॉबर्ट नारडेली ने कहा है कि दिवालीएपन से उभरने के बाद वे इस्तीफ़ा दे देंगे.वे 2007 से इस पद पर हैं.
इस पूरी प्रकिया के तहत एक नई कॉरपोरेट ईकाई का गठन होगा.
इस नई ईकाई में फ़ियट की 20 फ़ीसदी हिस्सेदारी रहेगी और बाद में ये 35 फ़ीसदी तक बढ़ सकती है. अगर क्रिसलर सरकार के ऋण पूरी तरह अदा कर देती है तो भागेदारी 2016 तक 51 फ़ीसदी भी हो सकती है. डायमलर अपना 19.9 हिस्सा छोड़ देगा जबकि मालिक कंपनी सेरबेरस को अपने 80.1 फ़ीसदी हिस्से से हाथ धोना पड़ेगा.
इटली की कंपनी फ़ियट को क्राइसलर में हिस्सेदारी के लिए कुछ देना नहीं पड़ेगा और वो उत्तरी अमरीका के बाज़ार में पहुँच बना पाएगा. बदले में क्राइसलर को छोटी और कम ईंधन खर्च करने वाले कार बनाने में फ़ियट की महारत का फायदा मिलेगा.
राष्ट्रपति ओबामा ने कहा है कि फ़िलहाल किसी की नौकरी नहीं जाएगी.


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