आतंकवादी हमलों के निशाने पर भारत की आर्थिक प्रगति : अमेरिका
वाशिंगटन, 1 मई (आईएएनएस)। अमेरिकी विदेश मंत्रालय का कहना है कि भारत में मुंबई समेत अन्य स्थानों पर इस्लामी कट्टरपंथियों के आतंकवादी हमले देश की आर्थिक प्रगति को रोकने और भारत और पाकिस्तान के संबंध खराब करने के उद्देश्य से किए गए थे।
विदेश मंत्रालय द्वारा वैश्विक आतंकवाद के मुद्दे पर गुरुवार को जारी वार्षिक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2008 में भारत बाहरी और देश के भीतर सक्रिय आतंकवादी संगठनों के निशाने पर रहा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में हुए आतंकवादी हमलों के पीछे पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और बांग्लादेश स्थित हरकत-उल-जिहाद-ए-इस्लामी जैसे आतंकवादी संगठनों का हाथ है।
विदेश मंत्रालय के द्वारा जारी वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है, "भारत सरकार का मानना है कि देश में हुए आतंकवादी हमले भारत-पाकिस्तान संबंधों में दरार डालने, देश में हिंदू-मुस्लिमों के बीच हिंसा फैलाने और आर्थिक प्रगति में बाधा डालने के उद्देश्य से किए गए थे। "
रिपोर्ट में इसके अलावा कहा गया है कि क्षेत्रीय प्रशासनों में समन्यवय की कमी और अकुशल न्याय प्रणाली की वजह से भारत आतंकवाद के खतरे का पूरी तरह से जवाब देने में अक्षम है।
रिपोर्ट में कहा गया है, "भारत सरकार आतंकवाद से मुकाबला करने के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन वहां के पुराने पड़ गए कानून और काम के बोझ तले दबी न्याय प्रणाली इसके आड़े आ रही है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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