मंबई हमले के बाद उजागर हुई भारत की न्याय प्रणाली की खामियां : अमेरिका (लीड-1)
वाशिंगटन, 1 मई (आईएएनएस)। अमेरिकी विदेश विभाग की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत सरकार आतंकवाद से मुकाबला करने के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन वहां के पुराने पड़ गए कानून व काम के बोझ तले दबी न्याय प्रणाली इसके आड़े आ जा रही है और मुंबई हमले के बाद यह बात उजागर भी हुई है।
विदेश विभाग की वर्ष 2008 में वैश्विक आतंकवाद पर आधारित वार्षिक रिपोर्ट गुरुवार को जारी की गई। इसमें कहा गया है, "आतंकवाद से लड़ने के लिए भारत सरकार के सभी प्रयास पुराने और अत्यधिक काम का बोझ झेल रहे न्याय तंत्र की वजह से प्रभावित हुए हैं।"
मुंबई हमले का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है, "हमले के दौरान स्थानीय पुलिस के कमजोर प्रशिक्षण और उपकरण की बात साबित हुई। इस दौरान हमले का प्रभावी जवाब देने में समन्वय की कमी भी दिखी।" उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर, 2008 को मुंबई के कई महत्वपूर्ण स्थानों पर हुए आतंकवादी हमले में लगभग 175 लोग मारे गए थे।
अमेरिकी विदेश विभाग की इस रिपोर्ट में इस मामले को भी उठाया गया है कि मुंबई हमले में शामिल अब तक किसी षड्यंत्रकारी को सजा नहीं दिलाई जा सकी है। इस हमले के बाद ही भारत ने अपने कुछ मौजूदा कानूनों में संशोधन किया और सुरक्षा एजेंसियों को मजबूत करने का फैसला किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications