क़साब को चाहिए परफ़्यूम और अख़बार

मुंबई हमले के मुख्य अभियुक्त अजमल आमिर क़साब ने अदालत में कुछ चीज़ों की माँगें रखी हैं जिनमें परफ़्यूम, टूथपेस्ट और उर्दू का अख़बार शामिल है.
मुंबई की विशेष अदालत में क़साब के वकील अब्बास काज़मी ने ये माँगें रखीं. उनका कहना था कि उनके मुवक्किल को 'खुली हवा' की ज़रूरत है और इसलिए उन्हें अपनी कोठरी से बाहर आने की अनुमति मिलनी चाहिए.
क़साब मुंबई की उच्च सुरक्षा वाली आर्थर रोड जेल में बंद है और जेल में एक विशेष अदालत बनाई गई है जहाँ मामले की सुनवाई चल रही है.
अब्बास काज़मी ने बीबीसी को बताया कि उनके मुवक्किल 'उस कोठरी में बंद बंद सा महसूस कर रहे हैं इसलिए वह कुछ खुली हवा चाहते हैं.' क़साब ने अपने वकील काज़मी को उर्दू में लिखी चिट्ठी में सभी चीज़ों की माँग की.
'उर्दू टाइम्स'
अजमल आमिर क़साब के वकील अब्बास काज़मी ने ये माँगें अदालत में रखीं. क़साब ने याचिका में कहा है कि उसे उर्दू टाइम्स समाचार पत्र उपलब्ध कराया जाए जिससे वह कुछ समय जेल में पढ़ने में बिता सके.
जब जज एमएल ताहिल्यानी ने क़साब से पूछा कि वह घर पर हर रोज़ कौन सा अख़बार पढ़ता था तो उसने कहा, 'नवाए वक़्त'. कसाब ने कहा है कि वह जेल में अकेला है इसलिए उसे कुछ करने के लिए चाहिए अन्यथा वह दिमागी संतुलन खो सकता है.
जज एमएल ताहिल्यानी ने कहा कि वह जेल के अधिकारियों से इस बारे में बात करके इन माँगों पर कोई फ़ैसला करेंगे.
उम्र का विवाद
मामले की अगली सुनवाई दो मई को होनी है. इससे पहले चार डॉक्टरों के एक दल ने क़साब की उम्र की जाँच करने के बाद अदालत में कहा था कि उसकी उम्र 20 साल से अधिक है.
अदालत ने क़साब की उम्र की जाँच के आदेश तब दिए थे जब क़साब ने हमले के समय नाबालिग होने का दावा किया था. क़साब का यह दावा अगर सही पाया जाता है तो इससे अदालत का फ़ैसला प्रभावित हो सकता है. मुंबई में पिछले साल 26 नवंबर को हुए चरमपंथी हमले में कम से कम 170 लोग मारे गए थे और 250 से अधिक घायल हुए.
इस हमले में नौ चरमपंथी भी मारे गए थे और केवल एक हमलावर ज़िंदा पकड़ा जा सका है. इस हमलावर अजमल क़साब पर अब मुक़दमा चल रहा है.


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