डब्ल्यूएचओ की स्वाइन फ्लू महामारी फैलने की चेतावनी, भारत अछूता (राउंडअप)
डब्ल्यूएचओ की महानिदेशक मार्गरेट चान ने महामारी की चेतावनी के स्तर को 'फेज पांच' तक बढ़ाते हुए बताया कि अब तक पूरी दुनिया में स्वाइन फ्लू के 155 मामले सामने आ चुके हैं।
यह घोषणा इस बात का संकेत है कि महामारी आसन्न है। समाचार एजेंसी डीपीए ने जेनेवा से खबर दी है कि अब इस वायरस के मानवों से मानवों में फैलने का खतरा पैदा हो गया है।
नई दिल्ली में स्वास्थ्य मंत्रालय और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने गुरुवार को कहा कि भारत में स्वाइन फ्लू के संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है, वहीं दुनिया भर में स्वाइन फ्लू के कई अन्य मामलों की पुष्टि हुई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव विनीत चौधरी ने संवाददाताओं से कहा कि देश में इसका संक्रमण नहीं है। सरकार देश में इस रोग के प्रवेश को रोकने पर ध्यान केंद्रित किए हुए है।
उन्होंने कहा,"हमें घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। हम रोग को देश में प्रवेश करने से रोकने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए है।"
डब्ल्यूएचओ के संचारी बीमारियों संबंधी दक्षिण पूर्वी एशियाई कार्यालय के निदेशक जे.पी. नारायण ने कहा, "भारत में स्वाइन फ्लू का कोई संदिग्ध मामला प्रकाश में नहीं आया है।"
उधर, मेक्सिको में स्वाइन फ्लू के पुष्ट मामलों की संख्या 49 से बढ़कर 91 हो गई है। वहां पर करीब 160 लोगों की मौत होने की खबर है। इसके साथ ही 2,500 लोगों को संक्रमण की शिकायत है परंतु अभी उसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। करीब 1300 लोग अब भी अस्पतालों में भर्ती हैं।
मेक्सिको के अलावा डब्ल्यूएचओ ने गुरुवार को कनाडा, अमेरिका, इजरायल, स्पेन, ब्रिटेन, न्यूजीलैंड, कोस्टारिका में दो-दो और स्विट्जरलैंड तथा पेरु में स्वाइन फ्लू के एक-एक मामले पाए जाने की पुष्टि की।
यूरोपीय देशों में स्वाइन फ्लू के कम से कम 19 मामले सामने आए। फ्रांस में भी दो संदिग्ध मामले प्रकाश में आए हैं। इनमें से अधिकांश लोगों ने मेक्सिको की यात्रा की थी, जहां से यह बीमारी फैली है।
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि स्वाइन फ्लू फैलने के बावजूद मेक्सिको से लगी सीमा बंद नहीं की जाएगी। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि इसे फैलने से रोकने के लिए सरकार सभी प्रयास करेगी।
भारत में किसी भी संभावित मामले पर नजर रखने के लिए चौकसी बढ़ा दी है। संगठन ने यह भी कहा कि भारत किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
टैक्सास से हैदराबाद आए एक अनिवासी भारतीय में फ्लू के लक्षण पाए जाने के बारे में नारायण ने कहा, "हमने भारत के स्वास्थ्य अधिकारियों से बात की है और उन्होंने हमें बताया कि उस व्यक्ति के जांच परिणामों से पता चला है कि उसे यह बीमारी नहीं है।"
इस बीच स्वास्थ्य अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि देश में स्वाइन फ्लू के इलाज में काम आने वाली एंटी वायरल दवा के 10 लाख डोज उपलब्ध हैं जबकि इतनी ही और दवा का स्टॉक तैयार किया जा रहा है।
रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले दवा उद्योग विभाग के एक अधिकारी ने बताया, "हमें स्वाइन फ्लू के इलाज के लिए एंटी वायरल दवा के 10 लाख डोज की आवश्यकता होगी।"
दवा के नए स्टॉक की आपूर्ति एक सप्ताह के भीतर की जाएगी। यह आपूर्ति रोशे, ग्लैक्सो, सिप्ला और हेट्रो जैसी कंपनियां करेंगी।
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि सरकार के पास एंटी वायरल दवा का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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