स्वाइन फ्लू के 155 मामलों की पुष्टि, भारत अब तक अछूता (लीड-1)
एक यूरोपीय स्वास्थ्य एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक गुरुवार को चार यूरोपीय देशों जर्मनी, ब्रिटेन, स्पेन और आस्ट्रिया में स्वाइन फ्लू के कम से कम 19 मामले सामने आए। फ्रांस में भी दो संदिग्ध मामले प्रकाश में आए हैं।
इनमें से अधिकांश लोगों ने मेक्सिको की यात्रा की थी जहां से यह बीमारी फैली है।
इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि भारत में अब तक इस बीमारी का कोई संदिग्ध मामला प्रकाश में नहीं आया है।
भारत में किसी भी संभावित मामले पर नजर रखने के लिए चौकसी बढ़ा दी है। संगठन ने यह भी कहा कि भारत किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
डब्ल्यूएचओ के संचारी बीमारियों संबंधी दक्षिण पूर्वी एशियाई कार्यालय के निदेशक जे.पी. नारायण ने कहा, "भारत में स्वाइन फ्लू का कोई संदिग्ध मामला प्रकाश में नहीं आया है।"
टैक्सास से हैदराबाद आए एक अनिवासी भारतीय में फ्लू के लक्षण पाए जाने के बारे में नारायण ने कहा, "हमने भारत के स्वास्थ्य अधिकारियों से बात की है और उन्होंने हमें बताया कि उस व्यक्ति के जांच परिणामों से पता चला है कि उसे यह बीमारी नहीं है।"
इस बीच स्वास्थ्य अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि देश में स्वाइन फ्लू के इलाज में काम आने वाली एंटी वायरल दवा के 10 लाख डोज उपलब्ध हैं जबकि इतनी ही और दवा का स्टॉक तैयार किया जा रहा है।
रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले दवा उद्योग विभाग के एक अधिकारी ने बताया, "हमें स्वाइन फ्लू के इलाज के लिए एंटी वायरल दवा के 10 लाख डोज की आवश्यकता होगी।"
दवा के नए स्टॉक की आपूर्ति एक सप्ताह के भीतर की जाएगी। यह आपूर्ति रोशे, ग्लैक्सो, सिप्ला और हेट्रो जैसी कंपनियां करेंगी।
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि सरकार के पास एंटी वायरल दवा का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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