मुद्रास्फीति की दर में बढ़ोतरी, 0.57 फीसदी हुई (लीड-2)
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित आंकड़ों के मुताबिक तीन प्रमुख कमोडिटी समूहों में विनिर्मित वस्तुओं का सूचकांक 0.3 फीसदी और प्राथमिक वस्तुओं का सूचकांक 1.7 फीसदी बढ़ा।
ईंधन, ऊर्जा, बिजली और स्नेहक सूचकांक 0.1 फीसदी बढ़कर 323 (अस्थाई) हो गया। यह वृद्धि एविएशन टर्बाइन फ्यूल (आठ फीसदी) और फर्नेस ऑयल (दो फीसदी) की कीमतों में आई तेजी की वजह से हुई।
बीते 11 से 18 अप्रैल के बीच थोक मूल्य सूचकांक में 0.6 फीसदी की वृद्धि हुई और यह पिछले सप्ताह के 228.8 से बढ़कर 230.2 पर पहुंच गया।
दिल्ली स्थित संगठन नेशनल काउंसिल ऑफ अप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर) के परियोजना प्रमुख दलीप कुमार ने कहा कि उपभोक्ताओं द्वारा रुचि दिखाने से आर्थिक विकास की गति एक बार फिर पटरी पर लौट आएगी।
उन्होंने खाद्य पदार्थो और सब्जियों की बढ़ती कीमतों के बारे में चेतावनी देते हुए कहा कि मुद्रास्फीति की दर खाद्य पदार्थो और सब्जियों की कीमतों के बारे में कोई आकलन पेश नहीं करती।
दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में वाणिज्य विभाग के प्रमुख श्रीराम खन्ना ने कहा कि मुद्रास्फीति की दर पांच फीसदी तक बढ़ेगी और वित्त वर्ष के अंत तक यह चार फीसदी पर स्थिर हो जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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