कराची में जातीय हिंसा में 27 मरे (लीड-1)
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार उर्दू भाषी मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) और अल्पसंख्यक पश्तून आबादी के बीच झड़पे बुधवार रात उस समय भड़कीं जब ख्वाजा अजमेर नगरी में बंदूकधारियों ने एमक्यूएम के दो समर्थकों की गोली मारकर हत्या कर दी।
उसके बाद कराची के कई हिस्सों में हिंसा भड़क उठी जो गुरुवार तड़के तक जारी थी। प्रतिद्वंद्वी सशस्त्र गुटों के बीच गोलीबारी हुई और कई वाहनों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को फूंक दिया गया।
कराची के पुलिस प्रमुख वसीम अहमद का कहना है कि झड़पों में 22 लोग मारे गए और 30 से ज्यादा घायल हो गए जबकि उपद्रवियों ने 18 वाहनों को आग लगा दी।
हालांकि शहर के मियां जिन्ना पोस्टग्रेजुएट मेडीकल सेंटर के एक अधिकारी ने कहा है कि कुछ घायलों के गुरुवार सुबह दम तोड़ देने की वजह से मरने वालों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है। मरने वालों में ज्यादातर पश्तून हैं। दंगों पर काबू पाने के लिए अर्धसैनिक बल सिंध रेंजर्स को तैनात किया गया है
गुरुवार को शहर के ज्यादातर हिस्सों के शैक्षिक संस्थान व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे और सार्वजनिक वाहन भी नहीं चले।
कराची में मुहाजिरों और पश्तूनों के बीच हिंसा का इतिहास रहा है। एमक्यूएम मुहाजिरों का प्रतिनिधित्व करती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications