अमरीका में पाक कार्रवाई की सराहना, मदद की पेशकश

बुनेर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से लगभग 100 किलोमीटर दूर है. उस इलाक़े से और पास के लोवर दीर से हज़ारों लोगों का पलायन हुआ है.
पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता मेजर जनरल अतहर अब्बास ने कहा है कि तालेबान ने वहाँ अपनी संख्या घटाने की जगह बढ़ाना शुरु कर दिया था और इस अभियान का लक्ष्य वहाँ मौजूद 450 से 500 तालेबान चरमपंथियों को भगाना है.
हमारा मानना है कि बुनेर और दीर में चल रहे सैन्य अभियान पिछले हफ़्तों में तालेबान और अन्य चरमपंथियों की गतिविधियों के जवाब में पाकिस्तान की ओर से उठाए गए उचित कदम हैं. हमें किसी भी तरह की मदद देने के लिए तैयार हैं रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता जैफ़ मोरेल
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सरकार के गृह मामलों के सलाहकार रहमान मलिक ने कहा है कि 70 चरमपंथी मारे गए हैं. सेना ने वहाँ जेट लड़ाकू विमानों, बंदूकों से लैस हेलिकॉप्टर और आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया है.
'अस्तित्व को ख़तरा'
बीबीसी के वॉशिंगटन संवाददाता ब्रजेश उपाध्याय के अनुसार अमरीकी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता जैफ़ मोरेल और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रॉबर्ट वुड ने पाकिस्तान के पश्चिमी इलाक़े में सैन्य अभियान पर विचार व्यक्त किए हैं.
जैफ़ मोरेल ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हमारा मानना है कि बुनेर और दीर में चल रहे सैन्य अभियान पिछले हफ़्तों में तालेबान और अन्य चरमपंथियों की गतिविधियों के जवाब में पाकिस्तान की ओर से उठाए गए उचित कदम हैं. हमें किसी भी तरह की मदद देने के लिए तैयार हैं."
लेकिन उनका ये भी कहना था, "क्योंकि हमनें पाकिस्तान में पहले भी सैन्य अभियान देखें हैं तो हमें लगता है कि किसी भी पाकिस्तान सैन्य अभियान की परीक्षा ये है कि वह कितनी देर तक चलाया जा सकता है."
ये अभियान पाकिस्तान के अपने हित में है. तालेबान और अन्य चरमपंथियों से पाकिस्तान के अस्तित्व को ख़तरा है विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रॉबर्ट वुड
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उधर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रॉबर्ट वुड ने एक अलग बयान में कहा, "ये अभियान पाकिस्तान के अपने हित में है. तालेबान और अन्य चरमपंथियों से पाकिस्तान के अस्तित्व को ख़तरा है."
'शांति समझौते का उल्लंघन'
इससे पहले मेजर जनरल अतहर अब्बास ने कहा था कि बुनेर में 450 से 500 तालेबान चरमपंथियों का एकत्र होना तालेबान और सरकार के बीच हुए शांति समझौते का उल्लंघन था.
इस्लामाबाद में बीबीसी संवाददाता मार्क डम्मेट का कहना है कि पाकिस्तान सरकार की शिकायत है कि तालेबान चरमपंथी अपना प्रभाव अब स्वात घाटी से बाहर भी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं.
तालेबान ने इन दावों का खंडन किया है.
ऐसी ख़बरें मिली थीं कि स्वात घाटी से सैकड़ों तालेबान लड़ाके पास के इलाक़ों में चले गए हैं. स्वात घाटी में मुख्य रूप से तालेबान लड़ाकों का ही नियंत्रण है.
वर्ष 2009 के आरंभ में पाकिस्तान सरकार और तालेबान चरमपंथियों के बीच एक समझौता हुआ था जिसके तहत पूर्वोत्तर सीमा प्रांत के अनेक हिस्सों में शरिया क़ानून लागू करने की इजाज़त दी गई थी.


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