ओबामा ने सत्ता में पूरे किए 100 दिन

बराक ओबामा बतौर अमरीकी राष्ट्रपति सत्ता में अपने 100 दिन पूरे कर रहे हैं. अर्थव्यवस्था और विदेश नीति पर उन्होंने कई बदलाव लाने की पहल की है. इन 100 दिनों में ज़्यादातर समय परिदृश्य पर आर्थिक संकट का मुद्दा छाया रहा. लेकिन इसके बावजूद अमरीका के बाहर विश्व के अन्य मुद्दों पर भी लगातार ओबामा की नज़र रही.
इन 100 दिनों में उनकी एक मुख्य उपलब्धि रही 787 अरब डॉलर का विशेष आर्थिक पैकेज. शपथ लेने के एक महीने बाद ही अमेरीकी रिकवरी एंड रिइनवेस्टमेंट एक्ट को क़ानून बना दिया गया. हालांकि इसमें कर कटौती और खर्चे संबंधी जितने प्रावधान हैं वो इसी महीने से क्रिन्यावित होंगे. इससे सरकार के वित्तीय घाटे में और बढ़ोत्तरी होगी. अनुमान के मुताबिक इस साल ये 1.75 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच जाएगा.
बीबीसी संवाददाता के मुताबिक कम समय में तो विशेष आर्थिक योजना से आर्थिक संकट का समाधान नहीं होगा लेकिन इससे बेराज़गारी जैसे मुद्दों का असर कुछ हद तक कम हो सकता है. एआईजी के अधिकारियों को भारी भरकम बोनस, अमरीकी वित्त मंत्री का कर अदा न करना, वॉल स्ट्रीट जनरल के लिए नई योजना का कुप्रबंधन- यानी अर्थव्यवस्था को लेकर ओबामा प्रशासन का रिकॉर्ड मिला-जुला है.
विदेश नीति
विदेश नीति को लेकर भी ओबामा पर सबकी नज़र है. विदेश दौरे, नई नीतिओं की घोषणा और कई नेताओं से बैठक- अगले चार सालों में कूटनीति बदलने की दिशा में उन्होंने महत्वाकांक्षी योजना का खाका तैयार किया है.बीबीसी संवाददाता के मुताबिक 100 दिनों में ओबामा ने अमरीकी विदेश नीति को नया जामा पहनाने की कोशिश की है- उन्होंने परमाणु हथियार रहित विश्व की गुहार की, कहा कि मध्य पूर्व में शांति अमरीका के हक़ में है, ग्वांतानामो बे बंद करने का फ़ैसला किया और इराक़ से ध्यान हटाकर अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान पर लगाने की बात की.
ओबामा ने ईरान और क्यूबा की तरफ़ भी हाथ बढ़ाया है. अपने हर विदेश दौरे में ओबामा कहते रहे हैं कि अमरीका केवल अपनी बात मनवाना नहीं चाहता बल्कि सबकी बात सुनना चाहता है. हालांकि इन सब नीतियों के नतीजे आने में अभी वक़्त लगेगा.अब स्वाइन फ़्लू के फैलने के बाद से ओबामा घरेलू स्तर पर बड़े संकट का सामना कर रहे हैं.
अपने 100 दिन के कार्यकाल में ओबामा ने कई मुद्दों पर नई शुरुआत की है लेकिन इराक़ से असल में सैनिक वापस बुलाने, अफ़ग़ानिस्तान में युद्ध के आयाम बदलने, स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार जैसे मामलों में अभी असल बदलाव आने बाकी हैं.तमाम चुनौतियों को देखते हुए कहा जा सकता है कि राष्ट्रपति ओबामा के अगले 100 दिन और भी चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं.


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