तालिबान ने की जंग की तैयारी

सभी महत्वपूर्ण मार्गो से जुड़ी सड़कों के नीचे बम बिछाए जा चुके हैं। कुछ गांवों में नए भर्ती हुए रंगरूटों को कम समय में प्रशिक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। पीर बाबा गांव की एक मस्जिद में दो घंटे तक दिए गए साक्षात्कार में एक तालिबान कमांडर उस्ताद रईस ने कहा, "हम अंतिम सांस तक लड़ेंगे।"
रईस ने जब दुश्मनों को हराने का वादा किया तो एके-47 राइफलों से लैस उसके आधा दर्जन समर्थकों ने सहमति में सिर हिलाया। उसने कहा, "आप देखेंगे कि हम कैसे लड़ते हैं।" साक्षात्कार के कुछ घंटे के भीतर लड़ाकू विमानों और लड़ाकू हेलीकाप्टरों के सहयोग से सेना और अर्धसैनिक बलों ने बुनेर में अक्रामक अभियान आरंभ कर दिया।
इससे पहले तालिबानी आतंकवादियों ने बुनेर के सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर कब्जा कर लिया था और अपना प्रशासन स्थापित करने के प्रयास आरंभ कर दिए थे। सरकार ने चेतावनी दी थी कि तालिबान की यह हरकत फरवरी में हुए शांति समझौते का उल्लंघन है। पिछले हफ्ते तालिबान ने कैमरे के सामने वापसी का नाटक किया। परंतु वह क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने का लगातार प्रयास करता रहा।
बुनेर जिले के प्रमुख व्यापारिक केंद्र स्वारी के एक 22 वर्षीय दुकानदार गनुर रहमान ने कहा कि तालिबानी यहां 12 दिन पहले आए थे और वे अब भी यहीं हैं। उनके पास शक्तिशाली वाहन, वायरलेस सेट, हथियार और बहुत कुछ है।
उसने बताया कि तालिबानी स्थानीय मस्जिदों में अपना प्रचार करते हैं और लोगों से पीर बाबा और बागड़ा इलाके के प्रशिक्षण शिविरों में 20 दिनों का प्रशिक्षण लेने को कहते हैं। उसने बताया कि करीब 3000 सशस्त्र आतंकवादियों ने पहाड़ों पर मोर्चा कायम कर रखा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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