घाटी में मतदान से पहले अलगाववादियों का बंद का आह्वान
केंद्रीय रिजर्व सुरक्षा बल (सीआरपीएफ) और पुलिस के सैकड़ों जवान श्रीनगर के विभिन्न इलाकों में गश्त लगा रहे हैं और कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध लगाए गए हैं। लोगों और वाहनों की आवाजाही सीमित करने के लिए सुरक्षा बलों ने अवरोधक लगा दिए हैं।
नौहाटा क्षेत्र के एक निवासी ने बताया, "हम अपने घरों में ही हैं और पुराने शहर में किसी को जाने-आने नहीं दिया जा रहा। सीआरपीएफ के जवान हमारे इलाके की हर गली में तैनात हैं।"
प्रतिबंधों के बावजूद सफाकदल इलाके में युवक सड़कों पर उतर आए और उन्होंने पुलिस और अर्धसैनिक बलों पर पथराव किया। पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस से उन्हें तितर-बितर किया।
इससे पहले मंगलवार को चुनाव विरोधी प्रदर्शनकारियों ने पुराने शहर में एक टाटा सूमो को आग लगा दी थी। अलगाववादी नेता सयैद अली शाह गिलानी की ओर से किए गए 50 घंटे के बंद के आह्वान से उत्तरी कश्मीर के गांदेरबल, बांदीपोरा, बारामूला और सोपोर में जनजीवन पर असर पड़ा।
दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग संसदीय क्षेत्र में गुरुवार को होने जा रहे मतदान के मद्देनजर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पूरे निर्वाचन क्षेत्र में 1485 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।
गिलानी, मीरवाइज उमर फारुक और यासीन मलिक समेत ज्यादातर अलगाववादियों को नजरबंद कर दिया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications