जम्मू-कश्मीर:अनंतनाग में मतदाताओं की संख्या तय करेगी घाटी का रुझान
अनंतनाग घाटी का पहला संसदीय क्षेत्र है जहां मतदान होने वाला है। घाटी का यह सबसे बड़ा संसदीय क्षेत्र भी है,चार जिलों में फैले इस क्षेत्र में 16 विधानसभा क्षेत्र हैं।
आतंकवादी गतिविधियों से काफी अधिक प्रभावित रहे इस जिले में अब कुछ ही आतंकवादी बचे हैं। परंतु हुर्रियत और आतंकवादियों दोनों ने इस बार चुनाव बहिष्कार की घोषणा की है।
एक मतदाता ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान आतंकवादियों ने सक्रिय रूप से बाधा नहीं पहुंचाई थी। इस बार सभी आतंकवादियों ने चेतावनी जारी की है। इससे कुछ स्थानों पर मतदान प्रभावित हो सकता है।
अनंतनाग में कुल 11.6 लाख मतदाता हैं। इनमें 611,958 पुरुष और 553,993 महिलाएं हैं। संसदीय क्षेत्र में कुल 1,485 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
दिसम्बर में हुए विधानसभा चुनाव में 58 प्रतिशत मतदान हुआ था।
विधानसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मुहम्मद सईद की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) को अनंतनाग संसदीय क्षेत्र के 16 विधानसभा क्षेत्रों में से 12 में विजय हासिल हुई थी। कांग्रेस को दो सीटों पर और नेशनल कांफ्रेंस तथा मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) को एक-एक सीट पर विजय हासिल हुई थी।
अनंतनाग संसदीय क्षेत्र में पीडीपी मजबूत है लेकिन सत्तारूढ़ नेशनल कांफ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन ने भी क्षेत्र में पीडीपी को हराने के लिए भारी प्रचार किया है। कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने सोमवार को अनंतनाग का दौरा किया और लोगों से नेशनल कांफ्रेंस के उम्मीदवार मिर्जा महबूब बेग को वोट देने की अपील की।
अनंतनाग में कुल 13 उम्मीदवार मैदान में हैं लेकिन मुख्य मुकाबला पीडीपी प्रत्याशी पीर मुहम्मद हुसैन और कांग्रेस उम्मीदवार के बीच है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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