मध्य प्रदेश में थम गया चुनावी शोर
प्रदेश की 29 संसदीय सीटों में से 23 अप्रैल को 13 संसदीय क्षेत्रों में मतदान हो चुका है और अब शेष 16 संसदीय क्षेत्रों मुरैना, भिन्ड, ग्वालियर, गुना, सागर, टीकमगढ़, दमोह, राजगढ़, देवास, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, धार, इन्दौर, खरगोन व खंडवा में 30 अप्रैल को मतदान होना है। चुनाव प्रक्रिया के तहत मतदान की समय सीमा समाप्त होने के 48 घंटे पहले चुनाव प्रचार और जनसभाओं पर प्रतिबंध लग गया है।
प्रदेश के जिन 16 संसदीय क्षेत्रों में मतदान होना है वहां 2,08,89,797 मतदाता 231 उम्मीदवारों के चुनावी भविष्य का फैसला करेंगे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक 30 अप्रैल को जिन मतदाताओं को अपने मताधिकार का उपयोग करना है उनमें से 94़ 5 फीसदी को फोटोयुक्त मतदाता परिचय पत्र वितरित किए जा चुके हैं।
इस चरण में कांग्रेस के जिन दिग्गजों के राजनीतिक भविष्य का फैसला होना है उनमें गुना से ज्योतिरादित्य सिंधिया, रतलाम से कान्तिलाल भूरिया, देवास से सज्जन वर्मा, उज्जैन से प्रेमचन्द्र गुड्डू, भिन्ड से डा. भागीरथ प्रसाद प्रमुख है। इसी तरह भाजपा की ओर से मुरैना से प्रदेशाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, ग्वालियर से यशोधरा राजे सिंधिया, राजगढ़ से लक्ष्मण सिंह, देवास से थावरचंद गहलोत, उज्जैन से सत्यनारायण जटिया, इन्दौर से सुमित्रा महाजन और रतलाम से दिलीप सिंह भूरिया प्रमुख हैं।
चुनाव प्रचार के अंतिम दिन सभी 16 संसदीय क्षेत्रों में चुनावी शोर और जनसभाओं का बोलबाला रहा। सभी प्रत्याशियों ने मतदाताओं को रिझाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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