बोफोर्स घोटाले में न्याय का गला घोंटा गया : माकपा
माकपा पोलित ब्यूरो की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, "बोफोर्स घोटाले के एक मात्र जीवित बचे आरोपी ओतावियो क्वोत्रोची का नाम इंटरपोल की 'मोस्ट वांटेड' सूची से हटा लिए जाने संबंधी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की सिफारिश, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार का इस मामले को दबाने का एक और प्रयास है।"
बयान में कहा गया है, "इस घोटाले के आरोपियों को सजा दिलवाने में सरकार की नाकामियों को देखते हुए स्पष्ट है कि केंद्र में जब तक कांग्रेस के नेतृत्व में सरकार रहेगी तब तक न्याय का इसी तरह गला दबाया जाता रहेगा।"
माकपा ने कांग्रेस नेतृत्व से इस बयान के जरिए पूछा है कि देश की जनता जानना चाहती है कि आखिर क्यों क्वोत्रोची को बचाया जा रहा है।
माकपा ने गुजरात दंगों में मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी की भूमिका की जांच कराने संबंधी सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का स्वागत करते हुए कहा है, "यह स्वागत योग्य कदम है। हालांकि यह देर से उठाया गया कदम है। यह शर्मिदगी की बात है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गुजरात दंगों के आरोपियों को बचाती रही है।"
श्रीलंकाई सरकार के लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान पर ब्रेक लगाने के फैसले का भी माकपा ने स्वागत किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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