सीमांत प्रांत की सरकार ने दिया बातचीत का आमंत्रण
ज्ञात हो कि टीएनएसएम और एनडब्ल्यूएफपी सरकार ने पिछले 16 फरवरी को एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किया था। समझौते के तहत प्रांत के मलकंद डिविजन में शरिया कानून लागू किया जाना था और उसके बदले तालिबान को हथियार डालना था।
समाचार चैनल जीयो टीवी के मुताबिक पेशावर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए एनडब्ल्यूएफपी के सूचना मंत्री मिया इफ्तिखार हुसैन ने कहा कि मलंकद डिविजन में निजाम-ए-आदिल कानून की घोषणा किए जाने के बाद यदि किसी ने हथियार उठाया तो सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी।
हुसैन ने निजाम-ए-आदिल कानून की घोषणा के बाद बनर जिले में स्थिति को निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि कुछ तत्व इस कानून को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन सरकार इलाके में शांति स्थापना के लिए इस कानून को लागू करेगी।
सूचना मंत्री हुसैन ने कहा कि सरकार आतंकियों के साथ सख्ती से निपटेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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