तीसरा चरण : सोनिया, आडवाणी, देवेगौड़ा सहित कई दिग्गजों की चुनावी किस्मत का फैसला
इस चरण में 11 राज्यों की 107 सीटों पर मतदान होना है। कुल 14,40,02,265 मतदाता 1567 उम्मीदवारों की चुनावी किस्मत तय करेंगे। इनमें 101 महिला उम्मीदवार हैं।
बिहार की 11, गुजरात की 26, जम्मू एवं कश्मीर की एक, कर्नाटक की 11, मध्य प्रदेश की 16, महाराष्ट्र की 10, सिक्किम की एक, उत्तर प्रदेश की 15, पश्चिम बंगाल की 14, दादरा एवं नागर हवेली की एक और दमन दीव की एक सीट के लिए मतदान होगा।
इस चरण में भाजपा के 95, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के 102, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के 15, कांग्रेस के 93, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के 19, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के 9, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 8 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। जबकि राज्य स्तरीय पार्टियों के 128 और पंजीकृत लेकिन गैर मान्यता प्राप्त दलों के 346 और 752 निर्दलीय उम्मीदवार भी अपनी चुनावी किस्मत आजमा रहे हैं।
इस चरण में सोनिया, आडवाणी, जसवंत, देवेगौड़ा के अलावा जिन प्रमुख नेताओं का चुनावी भविष्य इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में बंद हो जाएगा उनमें केंद्रीय मंत्री शंकर सिंह बाघेला, श्रीप्रकाश जायसवाल, ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रियरंजन दासमुंशी की पत्नी दीपा दासमुंशी, जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष शरद यादव, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के वरिष्ठ नेता गुरुदास दासगुप्ता, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता बासुदेव आचार्य, भाजपा के राम नाइक, कांग्रेस के संजय निरुपम, पूर्व मुख्यमंत्री एस. बंगरप्पा और कन्नड़ फिल्मों के सुपर स्टार एम. एच. अंबरीश प्रमुख हैं।
सोनिया गांधी एक बार फिर रायबरेली से अपनी चुनावी किस्मत आजमा रही है। कुछ भारी उलटफेर नहीं हुआ तो उनकी जीत सुनिश्चित मानी जा रही है। रायबरेली में मुद्दा यह है कि वह कितने अंतर से चुनाव जीतेंगी।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की परम्परागत सीट रही लखनऊ पर तीसरे चरण में हर किसी की नजर रहेगी। शारीरिक अस्वस्थता के चलते वाजपेयी इस दफा चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। उनके उत्तराधिकारी के रूप में भाजपा ने प्रदेश के वरिष्ठ नेता लालजी टंडन पर दांव खेला है। कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी, समाजवादी पार्टी (सपा) ने सामाजिक कार्यकर्ता व फिल्म अभिनेत्री नफीसा अली और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश दास को टंडन के खिलाफ चुनाव मैदान में उतारा है।
तीसरे चरण में जिन 107 संसदीय सीटों के लिए मतदान होना है उनमें सबसे अधिक 41 उम्मीदवार लखनऊ से चुनाव मैदान में। सबसे अधिक पांच महिला उम्मीदवार भी इसी संसदीय सीट पर हैं।
आडवाणी एक बार फिर गांधीनगर से चुनाव मैदान में है। परिसीमन के चलते गांधीनगर संसदीय सीट की भौगोलिक स्थिति में थोड़ा बदलाव जरूर आया है लेकिन इससे आडवाणी की चुनावी संभावओं पर कोई फर्क नहीं पड़ता दिख रहा है। आडवाणी को उन्हीं के गढ़ में घेरने के लिए कांग्रेस ने स्थानीय कलोल विधानसभा सीट के विधायक सुरेश पटेल को उतारा है।
जसवंत सिंह इस बार राजस्थान के रेतीले रास्तों को छोड़कर पश्चिम बंगाल की बर्फीली वादियों में बसे दार्जिलिंग संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने जा पहुंचे हैं। भाजपा के अलग गोरखलैंड राज्य की मांग का समर्थन करने की एवज में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) ने जसवंत की उम्मीदवारी का समर्थन किया है।
शरद यादव एक बार फिर मधेपुरा से चुनाव लड़ रहे हैं। लोकसभा के पिछले चुनाव में उन्हें राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने हराया था। राजद ने इस दफा रवीन्द्र चरण यादव को यहां से चुनाव मैदान में उतारा है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया मध्य प्रदेश के गुना, श्रीप्रकाश जायसवाल कानपुर, एस. बंगरप्पा कर्नाटक के शिमोगा, देवेगौड़ा कर्नाटक के ही हासन, राम नाइक और संजय निरुपम मुंबई (उत्तर), वाघेला गुजरात के पंचमहल से चुनाव मैदान हैं। पश्चिम बंगाल के घाटाल संसदीय सीट से गुरुदास दासगुप्ता, बांकुड़ा से वासुदेव आचार्य और रायगंज से दीपा दासमुंशी चुनाव मैदान में हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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